
जयपुर, जागरण संवाद केंद्र :
राज्य सरकार ने अलग-अलग अधिसूचना जारी कर विभिन्न जिलों के मूल गांवों से लगती 213 ढाणियों व मजरों को नए राजस्व ग्राम बनाए है। इस संबंध में इस माह जारी अधिसूचनाओं के अनुसार सबसे अधिक जोधपुर जिले में 213 ढाणियों व मजरों को नए राजस्व गांव बनाए है। इसी तरह अन्य अधिसूचनाओं के अनुसार बाड़मेर 16, जयपुर व नागौर में दो-दो एवं राजसमंद व करौली जिले में एक-एक मूल गांवों से लगती ढाणियों व मजरों को नए राजस्व ग्राम बनाया है। इसी तरह गत माह में जारी अधिसूचनाओं के अनुसार सीकर में 34, टोंक में 3 एवं झुंझुनूं में एक नया राजस्व ग्राम बनाया गया है। गत माह में ही अलग-अलग दो अधिसूचनाएं जारी कर बाड़मेर जिले में मूल गांवों से लगते क्रमश: 8 व 22 मजरें व ढाणियों को नया राजस्व ग्राम बनाया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कर्मचारियों का आह्वान किया है कि वे राजस्थान के विकास में भागीदार बनकर उसे विकसित राज्य बनाए। श्रीमती राजे को बाड़मेर जिले के नाकोड़ा में आयोजित राजस्थान पटवार संघ के प्रान्तीय महा अधिवेशन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। श्रीमती राजे ने कहा कि कर्मचारी सरकार का मुख्य पाया है तथा उनकी राज्य के विकास में मह8वपूर्ण भूमिका है। इसलिए वे जनता के बीच जाकर उनकी सहायता करे तथा राज्य के विकास में आगे आएं। उन्होंने कहा कि सरकार व कर्मचारी एक दूसरे के पूरक है तथा दोनों के समग्र प्रयासों से ही राज्य का सर्वागीण विकास संभव है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सरकार से कंधे से कंधा मिलाकर जनता का कल्याण करे।