
जौनपुर। न्यायालय के आदेश पर स्थानीय थाने में पुलिस ने एक परिवार के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा एक माह पूर्व दर्ज किया था। जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने विवाहिता को जिन्दा बरामद कर लिया जिसे मृत मानकर मुकदमा दर्ज किया गया था।
बताया जाता है कि स्थानीय थाना क्षेत्र के सूरापुर गांव निवासी मनोज सिंह की शादी 30 मई 2001 को वंदना सिंह निवासी प्रतापपुर थाना पवई जनपद आजमगढ़ के साथ हुआ था। जिनको दो बच्चे भी हुए। इसी घर में वंदना के बड़ी बहन रंजना की शादी उसके जेठ संजय सिंह के साथ हुई थी। पारिवारिक जीवन सही से चल रहा था कि अक्टूबर 2006 में अचानक किसी विवाद के चलते वंदना बिना किसी को बताये ही कानपुर में रह रहे अपने भाई अवधेश सिंह के पास चली गयी।
इधर हैरान-परेशान मायके एवं ससुराल वाले उसे खोजते रहे लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इस पर वंदना की मां चन्द्रकांता ने न्यायालय में गुहार लगायी तो न्यायालय ने मामले में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इस पर पुलिस ने 5 दिसम्बर 2007 को वंदना के पति, ससुर, जेठ व सास के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
मामले की छानबीन करते हुए पुलिस ने जनवरी 2008 में जब मायके वालों से पूछताछ की तो उसी दौरान मां ने बताया कि उसकी पुत्री जिन्दा है और अपने भाई के घर रह रही है। इस पर पुलिस ने वंदना को बरामद करते हुए मामले का पटाक्षेप कर दिया।