
लखनऊ । विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से रुपये ऐंठने व उनका पासपोर्ट लेकर हेराफेरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर स्पेशल टास्क फोर्स ने तीन लोगों को बंदी बना लिया। इनके पास से 59 पासपोर्ट, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, वीजा की मूल व फोटो प्रतियां आदि बरामद हुई हैं।
उत्तर प्रदेश के अलावा रांची और कोलकाता में भी यह गिरोह कई लोगों को शिकार बना चुका है। इंटरनेट पर भी गिरोह लोगों को वर्किंग परमिट दिलाने का आश्वासन देता था और उसके लिए रकम ऐंठ लेता था। लेकिन दिलाता टूरिस्ट वीजा था। एसटीएफ के अपर पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने इस संदर्भ में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि एसटीएफ को यह सूचना थी कि कोई गिरोह किसी के पासपोर्ट पर दूसरे का फोटो लगाकर फर्जी पासपोर्ट तैयार कर रहा है और लोगों को अवैध तरीके से वीजा के माध्यम से विदेश भेजने का धंधा कर रहा है। शुक्रवार को गिरोह के तीन सदस्यों को उस समय दबोचा गया जब वे अलीगंज के पुरनिया चौराहे के पास केन्द्रीय भवन के समीप किसी से मिलने पहुंचे थे। इनके पास से बरामद पासपोर्ट पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार व उत्तर प्रदेश से जारी हुए पाये गये।
पकड़े गये लोगों में चौक निवासी ओसामा शोबरा, मोहम्मद शीबू और हसनगंज निवासी मोहम्मद रिजवान शामिल हैं। पूछताछ में इन तीनों ने बताया कि ओसामा पिछले एक वर्ष से दिल्ली में विदेशी दूतावासों के आसपास घूम कर लोगों को फुसलाता था जो विदेश जाने के लिए प्रयासरत होते थे। वह उन्हें वीजा की व्यस्था करने का आश्वासन देता था उनके पासपोर्ट जमा करा लेता था। इसके बाद वीजा दिलाने के नाम पर बीस से 50 हजार रुपये तक वसूल लेता था। इस गिरोह के सम्बंध खाड़ी देशों के दूतावासों में काम करने वाले कर्मचारियों से भी थे।
ओसमा ने तान्या मै. पावर कंसल्टेंट नाम की फर्म बनाई और प्लेसमेंट एजेंसी खोल ली थी। इसके बाद फोन व ई-मेल के माध्यम से पासपोर्ट धारकों से सम्पर्क करने लगे। प्लेसमेंट दिलाने के झांसे के पैम्फ्लेट भी छपवा कर कई शहरों में वितरित कराये गए। इनके झांसे अब तक दो सौ से अधिक लोग फंस चुके हैं। इनसे रकम ऐंठ कर उनसे सम्पर्क समाप्त कर दिया गया। जो शिकार दमदार लगते हैं उनके पासपोर्ट फर्जी नाम पते से कूरियर के माध्यम से वापस भेज दिये जाते थे। इन्हीं के पासपोर्ट के आधार पर फर्जी बैंक खाते खोले जाते थे और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाये जाते थे। धोखे से हासिल रकम ओसामा ने अपनी मां कहकशां के आईएनजी व्यासा की शहानजफ शाखा के खाते में और कानपुर निवासी पुनीत कुमार दीक्षित के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में जमा कराता था और फिर रकम निकाल लेता था। पुनीत को उसने धोखा देकर यह काम किया हुआ था। पूछताछ में पता चला कि ओसामा ने कुछ साल पहले इलाहाबाद बैंक की जानकीपुरम शाखा से फर्जी दस्तावेज व पते के आधार पर 14 लाख रुपये की रकम कर्ज के तौर पर हासिल कर लिए थे। यहां एक मृत व्यक्ति के स्थान पर दूसरे को खड़ा कर कर्ज हासिल किया गया और एचडीएफसी बैंक से नूरजहां नामक महिला को खडा कर साढ़े चार लाख रुपए का कर्ज हासिल किया था। इनके पास से बरामद कई पासपोर्ट फर्जी लग रहे हैं। इनके विरुद्ध अलीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।