

आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण की योजनाओं में बन रही सड़कों में गड़बड़ियों की 'केक' कट रही हैं। शास्त्रीपुरम में तो एक बार फिर खराब सड़क निर्माण के पिछले सारे रिकार्ड टूट गए। वहां एक सड़क का कार्य खत्म होने से पहले ही परखच्चे बिखर गए हैं। स्थिति यह है कि अब उसे छिपाने के लिए रोड का ट्रैफिक रोक दिया गया है। बोर्ड लगा दिया गया है कि सड़क से 'हैवी ट्रैफिक' का गुजरना मना है।
मामला यूपीएसआईडीसी रोड से गणपति बिल्डर्स इमेराल्ड चौराहे तक निर्मित हो रही सड़क का है। इसके चौड़ीकरण, नाला निर्माण, बीएम और एसडीसी सड़क आदि के लिए लगभग बड़ी राशि का टेंडर एक नयी कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। सड़क पर बीएम और एसडीसी की लेयर बिछाये जाने के बाद कार्य पूरा ही हुआ था कि अचानक सड़क का अगले दिन से उखड़ना शुरू हो गया। अगले एक सप्ताह में तो पूरी सड़क बुरी तरह उखड़ चुकी थी। निर्माण कार्य पर नजर रख रहे अधिशासी अभियंता और दूसरे इंजीनियरों ने इस पर ठेकेदार से कार्य की खराब क्वालिटी का सवाल उठाया लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया। अब हालत यह है कि यूपीएसआईडीसी से लेकर चौराहे तक की पूरी सड़क बुरी तरह उखड़ चुकी है। ठेकेदार ने इसे छिपाने के लिए सड़क के गढ्डों में लाल पत्थर भरकर ऊपर से बालू डाल दी है। यही नहीं रोड से कोई वाहन न गुजरे इसके पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं। सड़क के दोनों छोरों पर गिंट्टी डालकर रोक दिया है। साथ ही वहां एक बोर्ड लगा दिया गया है कि इस सड़क से भारी वाहनों का गुजरना मना है। इसमें नीचे आज्ञा से एडीए उपाध्यक्ष लिखा हुआ है। सड़क के साथ ही वहां नाले का निर्माण कराया गया है। 'जागरण' ने वहां स्थिति को देखा तो पाया कि नाले की चिनाई में सीमेंट तो नाममात्र को ही डाला गया है। इसी वजह से यह टूटना भी शुरू हो गया है। एक जगह इसके मसाले को हाथ में लिया गया तो बालू ही बालू उड़ रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क टूटने की वजह उसमें नीचे की गिंट्टी की लेयर कम मोटाई की होना है। यही नहीं ऊपरी लेयर में डामर तो नाम मात्र की है।