

आगरा। कहावत है 'अक्ल बड़ी या भैंस' जवाब यकीनन अक्ल ही होगा। परंतु शातिरों ने अपनी अक्ल से 'भैंस' को बड़ा बना दिया। ग्रामीण इलाकों से 400 से भी अधिक भैंसों की चोरी का रिकार्ड बना डाला। इनकी कीमत करीब एक करोड़ बतायी गयी है। हत्थे चढ़े पशु चोरों के सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस भी हैरान है।
पिनाहट पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मेटाडोर सहित चार पशु चोरों को दबोचा। उनके दो साथी फायरिंग करके भागने में सफल रहे। एसपी ग्रामीण लालाराम ने बताया पकड़े गये लोगों के नाम राजू उर्फ बाबा पुत्र जमनी बंजारा, सलीम पुत्र कोमल खां, रहीम पुत्र रमजानी और संजय पुत्र कोमल खां है। सभी नारखी फीरोजाबाद के निवासी हैं। गिरोह ने 400 से अधिक भैंसों की चोरी करने का इकबाल किया है। चोरों ने बताया वह कई साल से यह काम कर रहे हैं। गिरोह में छह-सात लोग शामिल हैं। वह बंजारा अथवा फेरी वाले बनकर गांव-गांव घूमते थे। खूंटों पर बंधीं महंगी और अच्छी नस्ल की भैंसों की पहचान कर लेते। इस दौरान दूसरे साथी मेटाडोर लेकर गांव के बाहर सड़क पर मौजूद रहते। रात के समय चोरी की भैंसों को मेटाडोर में लादने के बाद पशु हाट में ले जाकर बेच देते। पिनाहट प्रतिनिधि के अनुसार शातिरों का कहना था यह धंधा उन्होंने इसलिये चुना क्योंकि इसमें पुलिस के हाथों पकड़े जाने का डर सबसे कम होता है। थाने में भी पशु चोरी की रिपोर्ट जल्दी दर्ज नहीं होती।