
आगरा। सरकार और शिक्षा विभाग अशिक्षा के खिलाफ चाहे जितनी कोशिश कर ले, लेकिन प्राथमिक विद्यालयों का हाल हम नहीं सुधरेंगे तर्ज पर ही चल रहा है। शुक्रवार को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक विनय कुमार गिल ने बरौली अहीर और शमसाबाद ब्लाक के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित इन विद्यालयों में कहीं पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं तो कहीं पढ़ने वाले छात्रों का अता-पता नहीं था। इसके चलते एडी बेसिक ने दर्जनों अध्यापकों पर दंडात्मक कार्यवाही की और तीन के तबादले कर दिए।
सुबह नौ बजे एडी बेसिक का दल क.प्र.वि.द्वितीय बरौली अहीर पहुंचा। वे सरकारी वाहन सड़क पर छोड़ पैदल ही स्कूल पहुंचे। यहां हेड मास्टर मदनलाल के साथ सहा.अ. जसवीर कौर, शिक्षा मित्र कल्पना यादव व हेमलता चौकड़ी जमाकर बैठे थे। जब एडी बेसिक ने अभिभावक बन बच्चे के दाखिला करवाना चाहा तो चारों की उदासीनता देख उन्हें गुस्सा आ गया। स्कूल में 131 छात्र संख्या रजिस्टर में दर्ज थी। लेकिन मात्र 13 बच्चे ही उपस्थित मिले। हालत यह थी कि नौ बजे तक न तो छात्रों की उपस्थिति ली गई थी और न ही स्कूल खुलने के चार दिन बाद तक मिड डे मील वितरण शुरू हुआ। उन्होंने हेडमास्टर के खिलाफ कार्यवाही की संस्तुति की।
प्रा.वि.प्र.बरौली अहीर में इंचार्ज हेड नीरज शर्मा और शिक्षा मित्र विनीता यादव उपस्थित थीं। लेकिन स.अ. शालिनी श्रीवास्तव का अता-पता नहीं था। एडी बेसिक को देख इंचार्ज हेड ने शिक्षा मित्र से शालिनी श्रीवास्तव के नाम से एक छुंट्टी का बिना तारीख का प्रार्थना पत्र रजिस्टर में रखवा दिया। अपनी आंखों के सामने इस हेरा-फेरी को देख एडी बेसिक ने जब शिक्षा मित्र से पूछा तो उसने बताया कि इंचार्ज हेड के कहने पर उसने एप्लीकेशन रखी है। इस पर शिक्षा मित्र को जहां चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, वहीं नीरज शर्मा व शालिनी श्रीवास्तव के खिलाफ कार्यवाही की गई। यहां भी 189 छात्र संख्या के मुकाबले मात्र 25 बच्चे ही उपस्थित थे।
क.पू.मा.वि. बरौली अहीर में निरीक्षण के दौरान तीन सहायक अध्यापक अनुपस्थित पाए गये। निरीक्षण में केवल स.अ. सावित्री गौड़ उपस्थित थीं। जबकि हेड मास्टर ऊषा परिहार पास के गांव में छात्रों के दाखिले के लिए घर-घर संपर्क करती मिलीं। कक्षा 6 में स्कूल खुलने के चार दिन बाद तक किसी छात्र का दाखिला नहीं हुआ था। विद्यालय में छह शिक्षकों पर भी एडी बेसिक ने आपत्ति जताई और इनमें से तीन के स्थानांतरण की संस्तुति की। पू.मा.वि. प्रथम बरौली अहीर में स.अ. गीता कुमारी बच्चों को आठवीं कक्षा की हिंदी पढ़ा रही थीं। लेकिन बच्चों का शिक्षण स्तर चौथी क्लास का था। मातृ भाषा में शिक्षण के इतने खराब स्तर को देख एडी बेसिक द्वारा गीता कुमारी के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की गई।