
लखनऊ । हफ्ते भर से हो रही दूर-दूर तक व्यापक वर्षा के कारण प्रदेश की सभी नदियों का बढ़ना फिर शुरू हो गया है जिससे 13 जिलों की स्थिति गंभीर हो गयी है। अधिकांश नदियां यद्यपि खतरे के निशान से नीचे हैं लेकिन कहीं-कहीं कटान के चलते लोगों का सुरक्षित स्थान के लिए पलायन शुरू हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शनिवार को बाढ़ स्थिति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को हर समय इस पर नजर रखने तथा राहत व बचाव कार्य के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर सेना से मदद ली जाये।
केन्द्रीय जल आयोग एवं बाढ़ पूर्वानुमान विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार कई जिलों में लगातार आठवें दिन बरसात होती रही जिसके कारण शारदा, राप्ती, सरयू और घाघरा में उफान आ गया है इससे खीरी लखीमपुर, बाराबंकी, गोंडा व बस्ती सहित 13 जिलों में स्थिति गंभीर हो चली है। पिछले 24 घंटे में बिजनौर से लेकर बरेली, गोरखपुर, देवरिया तक दो से 12 सेंटीमीटर के बीच वर्षा रिकार्ड की गयी। अगले 24 घंटे में सभी मंडलों भारी बारिश होने की संभावना है।
जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार में घाघरा आज खतरे के निशान से छह सेमी ऊपर पहुंच गयी है जबकि अयोध्या में केवल तीन सेमी तथा एल्गिनब्रिज में 17 सेमी नीचे है। शारदा का जलस्तर पलिया कलां में लाल निशान से 14 सेमी ऊपर तथा शारदानगर में 19 सेमी. नीचे है। प्रदेश की अन्य नदियां जैसे गंगा, यमुना, गोमती, केन, राप्ती, गण्डक, कुआनो, बूढी राप्ती और रामगंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ रहा है।
लगातार बरसात के कारण जन धन की हानि का भी समाचार मिला है। कच्चे मकान गिरने से हरदोई एवं सीतापुर में तीन-तीन, शाहजहांपुर में दो, गोरखपुर बस्ती, संत कबीरनगर में एक-एक व्यक्ति के मरने की सूचना है।
गोंडा से प्राप्त रिपोर्ट के तरबगंज और कर्नलगंज तहसीलों के चार सौ गांवों की डेढ लाख की आबादी घाघरा की बाढ से प्रभावित। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जल मग्न हो गई है। पीएसी बचाव कार्य में लगी है। एल्गिन बांध में कई जगह रिसाव हो रहा है जिसे देखते हुए तीन सौ परिवारों ने तटबंध पर शरण ले रखी है। लखीमपुर में भी पलिया धौरहरा लखीमपुर और निघासन के कई गांवों के बाढ़ की चपेट में हैं। यहां भी पीएसी लगाई गयी है। गोरखपुर मंडल में 100 से अधिक गांव बाढ से प्रभावित हैं। दो दर्जन पूरी तरह जलमग्न हैं। गोरखपुर-लखनऊ व गोरखपुर-वाराणसी राजमार्गो पर बडे -बडे गढ्डे हो जाने से यातायात भी प्रभावित हुआ है। सिद्धार्थनगर में राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से यद्यपि अभी नीचे है मगर कई तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बस्ती घाघरा आज लाल निशान से तीन सेमी ऊपर बह रही थी जिससे कई गांव जल प्लावित हो गये हैं राहत एवं बचाव कार्य में पीएसी की मदद ली जा रही है। सिंचाई मंत्री ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि बचाव एवं राहत कार्य युद्ध स्तर पर किया जाये। इसमें लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।