
मुजफ्फरनगर । उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती ने मुस्लिम बाहुल्य आबादी में बालिका प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल खोलने की योजना बनाई है। इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके अलावा 28 हजार और विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जनपद आगमन के दौरान सांसद मुनव्वर हसन के आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री धर्म सिंह सैनी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मुस्लिम साक्षरता दर को बढ़ावा देने के लिए कन्या प्राइमरी तथा जूनियर हाईस्कूल खोलने का निर्णय लिया है। इन स्कूलों में उर्दू विषय भी पढ़ाया जाएगा। इन स्कूलों में अन्य विषयों के अलावा एक उर्दू की महिला अध्यापिका भी रखी जाएगी। योजना के क्रियान्वयन की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक जिले में पांच स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद इस योजना को व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के बारे उन्होंने कहा कि प्रदेश में 60 हजार विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शीघ्र ही शेष 28 हजार और विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। एक अथवा दो सप्ताह के अंदर इसका विज्ञापन प्रकाशित करा दिया जाएगा। इसके अलावा शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने कहा कि हर साल प्रदेश में तेरह से पंद्रह हजार शिक्षक सेवानिवृत्त होते है। इसलिए प्रदेश सरकार ने फिर से रेग्यूलर बीटीसी को शुरू कराने का निर्णय लिया है। इससे बेरोजगारी की समस्या का निदान तो होगा, दूसरे सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के रिक्त पदों पर तुरंत नियुक्ति हो सकेगी। प्राइवेट पब्लिक स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूलों के पिछड़ने के कारणों के बारे में उन्होंने कहा कि जब से बसपा सरकार बनी है। तब से प्राइमरी शिक्षा में काफी सुधार हुआ है, लेकिन अभी और सुधार की आवश्यकता है। इसलिए सरकार ने प्रदेश के सभी विद्यालयों का विद्युतीकरण कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय के प्रत्येक कमरे पंखे लाइट आदि की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा इस सत्र से नर्सरी से ही अंग्रेजी विषय भी पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक विद्यालय में अलग अलग महिला-पुरुष शौचालय बनाए जाएंगे।