
रामपुर । सीआरपीएफ सेंटर पर हमले के आरोपी पांचों आतंकवादी शनिवार को कड़ी स़ुरक्षा के बीच सेशन कोर्ट में पेश किए गए, जहां से उन्हें एक बार फिर चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में रखने का हुक्म दिया गया। कोर्ट ने एक आरोपी कौसर की डिस्चार्ज याचिका भी खारिज कर दी। अगली सुनवाई के लिए अदालत ने दो अगस्त की तारीख तय की है।
उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर की रात सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर खूनी खेल खेलने वाले आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट नौ मई को दाखिल की जा चुकी है। शनिवार को सुनवाई के दौरान प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कृष्ण सिंह के न्यायालय में आतंकी मुहम्मद शरीफ, जंग बहादुर उर्फ बाबा खान, कौसर खां, गुलाब खां, अबू जर्रार को पेश किया गया। कौसर खां की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद शुएब और नावेद अली खां ने सीआरपीसी की धारा 227 के अंतर्गत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसमें कहा गया था कि इंवेस्टीगेशन एजेंसी, एसटीएफ कौसर खां के खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य एकट्ठा कर न्यायालय में प्रस्तुत नहंीं कर सकी है जिससे यह साबित हो कि कौसर हमले का आरोपी है। लिहाजा, उसने अदालत से खुद को आरोप मुक्त करने की प्रार्थना की थी। इस पर पिछली तारीख को अभियोजन ने न्यायालय से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय की मांग की थी। इस पर आज अतिरिक्त लोक अभियोजक सरबत अली खां की ओर से प्रार्थना पत्र पर आपत्ति प्रस्तुत की गई। इसमें कहा गया है कि केस डायरी में खुद कौसर ने अपने बयान में स्वीकारा है कि उसकी सऊदी अरब में मेरी जान पहचान शरीफ से हुई थी। दोनों साथ-साथ नमाज पढ़ते थे। इससे साफ होता है कि वह आतंकी संगठन का सदस्य है। इस पर अदालत ने बहस के लिए दो अगस्त की तारीख मुकर्रर कर दी। वहीं दूसरी ओर आतंकियों की ओर से एक अन्य प्रार्थना पत्र इस बाबत दिया गया था कि अभियोजन का संचालन लोक अभियोजक या अतिरिक्त लोक अभियोजक करें, विवेचक को अभियोजन पक्ष प्रस्तुत करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि वह मामले में गवाह है। अदालत ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए आज ही निस्तारण कर दिया। आदेश में कहा गया है कि अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक ही मामले की पैरवी कर रहे हैं, इसके अतिरिक्त इस मामले में किसी अन्य पुलिस अधिकारी को नहीं सुना गया है। साथ ही, न्यायालय ने यह आदेश भी दिया है कि विवेचक का दायित्व है कि वह नियत तिथि पर कोर्ट में मौजूद रहे। बाद में आतंकियों को एक बार फिर चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया।