
आगरा। यूपी में पर्यटकों की सर्वाधिक आमद वाला आगरा अगले वर्ष देश में स्थापित होने जा रहे 68 पासपोर्ट फैसेलिटी सेंटरों की सूची से भी बाहर है। विदेश मंत्रालय ने देश में पासपोर्ट बनवाने वालों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर आउटसोर्सिग आधारित पासपोर्ट प्रोजेक्ट शुरू किया है। यूपी में इसके तहत वाराणसी, कानपुर, लखनऊ और गोरखपुर सेंटर बनाये जा रहे हैं।
ताजनगरी का नाम इस सूची में न होने से जानकार हैरत में हैं। इन सेंटरों के बन जाने से वर्तमान में जो रीजनल पासपोर्ट आफिस हैं, उनकी भूमिका 'बैक आफिस' की रह जायेगी। इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन का जिम्मा टाटा कंसल्टेंसी सर्विस को सौंपा गया है। विदेश मंत्रालय का मानना है कि इससे रीजनल पासपोर्ट आफिसों पर जुटने वाली भीड़ में कमी आयेगी। इन सेंटरों से पासपोर्ट संबंधी सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान हो सकेगा। इसके अलावा पासपोर्ट के लिये अर्जी देने से लेकर रीजनल आफिसों से इनके जारी होने तक की समूची प्रक्रिया यहीं से पूरी की जायेगी।