
आगरा। चार साल पुराने सादाबाद एनकाउंटर में फंसे पांच वर्दी वालों की तलाश शुरू कर दी गई है। ये सभी सीबीसीआईडी जांच में हत्या के आरोपी ठहराए गए थे। गिरफ्तारी का आदेश आने के पहले ही ये सभी छुट्टी लेकर फरार हो गए। इन पांचों के मोबाइल स्विच आफ हैं। इन्हें गिरफ्तार करने की जिम्मेवारी क्षेत्राधिकारियों को सौंपी गई है। इनमें एक सब इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल हैं।
गौरतलब है कि हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र में 10 दिसम्बर 2003 को पुलिस ने जयपाल उर्फ जैपू पुत्र जगदीश को मार गिराया था। मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई। जिसमें आगरा में तैनात एसआई सुनील कुमार, कांस्टेबल नसीर अहमद, सतीश मिश्रा, राजेन्द्र सिंह तथा राजेश कुमार को हत्या समेत अन्य धाराओं का दोषी पाते हुए इनके खिलाफ मामला दर्ज करवाकर गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सीबीसीआईडी मुख्यालय से जारी हुए गिरफ्तारी के आदेश 3 अक्टूबर को एसएसपी को भेजे गए। जबकि यह सूचना आरोपियों को पहले ही लग चुकी थी। दो दिन पूर्व सभी आरोपी अपने-अपने तैनाती क्षेत्र से बहाना बनाकर तीन दिनों के अवकाश पर चले गए। एसएसपी ने तीन अक्टूबर को संबंधित क्षेत्राधिकारियों को गिरफ्तारी के आदेश थमाए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही पांचों का कोई पता नहीं चला। विभागीय जानकारों का कहना है कि सीबीसीआईडी की जांच में फंसने के बाद इन्हें कोर्ट से बिना जेल जाए राहत मिलने की उम्मीद न के बराबर है। अगर ये गिरफ्तार हो जाते हैं तो लम्बे समय बाद जमानत मिलेगी।
एसएसपी रघुबीर लाल ने बताया कि फरार आरोपियों के घरों के पते पर टीमें भेजी जा रही हैं। इनके साथ पुलिस अपराधियों जैसा व्यवहार करेगी। कोर्ट से कुर्की आदेश लिए जाएंगे, उसके बाद फरार घोषित कर दिया जाएगा।