
आगरा। शारदीय नवरात्र में पूरे शहर में देवी के भक्ति गीत और देवी जागरण के आयोजन हो रहे हैं। परंतु इस दौरान कालिंदी विहार में 20 साल की विमला ने समाधि ली है। नवरात्र की पड़वा से जमीन में हैं। उनके ऊपर जो मिंट्टी है, उसमें पिछले सात दिन में घास उग आई है। जैसे-जैसे घास की लम्बाई बढ़ रही है, वैसे-वैसे आस्था का सैलाब भी ऊंचाइयों की ओर पहुंचता जा रहा है।
कालिंदी विहार के बजरंग नगर निवासी छीतरमल की पुत्री विमला ने पड़वा को प्रात: सवा पांच बजे जमीन में समाधि ली। तब से वह लगातार करीब चार फीट गहरे गढ्डे में साधनारत हैं। पूरा शरीर उस मिंट्टी में है, केवल सिर ही बाहर दिखायी दे रहा है। इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उनकी बूआ विमला ने पिछले साल भी समाधि ली थी। तब केवल वे जमीन में लेटी थीं। उनके शरीर पर घास उगायी गयी थी। लेकिन इस बार कठिन समाधि है। दिन में सुबह-शाम केवल एक-एक चम्मच गंगा जल का पान कर रही हैं। समाधि स्थल पर एक मंदिर बना दिया गया है। वहां देवी का अखंड दीपक जलाया गया है।