

आगरा। जमीन से 67 फीट नीचे गहरे बोरवेल में फंसे मासूम सोनू की जिंदगी बचाने के लिए 36 घंटे से प्रयास जारी है। रात नौ बजे तक 67 फीट गहरा गढ्ड़ा खोदा जा चुका है। उसे 75 फीट तक ले जाने के बाद बोरवेल के लिए सुरंग बनाई जाएगी। इस कार्य में सुबह चार बजने की संभावना है। राहत कार्य के दौरान ग्रामीणों की वहां के अधिकारियों से झड़प भी हुई। इसी मामले में जल निगम के सहायक अभियंता एसके बंसल और अवर अभियंता एस के यादव को निलंबित कर दिया है। सबंधित ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है।
गुरुवार प्रात: दस बजे से 67 फीट की बोरिंग में फंसे मासूम सोनू को बाहर निकालने की कवायद जारी है। कल मध्य रात्रि 2.30 बजे 40 फीट तक कुआं खोद लिया गया था। जिसमें 22 फीट कुआं की खुदाई ग्रामीणों ने स्वयं की थी, परंतु ग्रामीणों की मेहनत बेकार गई। क्योंकि कुआं संकरा होने के कारण उसमें सुरंग बनाना आसान नहीं था। सेना की टीम ने सुरंग बनाने के दौरान हादसे की आशंका जताई। इसे लेकर ग्रामीणों तथा प्रशासन के अधिकारियों में विवाद हो गया। अधिकारियों ने अपराह्न 1 बजे काम बंद कराकर ग्रामीणों को हटा दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीण दस मिनट बाद ही कुएं के प्लेटफार्म पर बैठ गये। उनका कहना था प्रशासन के राहत कार्य पर उन्हें भरोसा नहीं हैं। वह बोरिंग से मासूम को बाहर निकालने का काम स्वयं करने पर अड़े थे। इस पर वहां मौजूद विधायकों विधायक राजेंद्र सिंह, मधु सूदन शर्मा, भगवान सिंह कुशवाह ने ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें समझाया। जिसके बाद सेना के कैप्टन राजेश के नेतृत्व में दोबारा खुदाई का काम शुरू हो सका। इस बीच अपराह्न 3 बजे सोनू के बोरिंग में तीन फीट नीचे खिसकने की जानकारी मिली। खुदाई के लिए आई विशेष मशीनों ने अपराह्न चार बजे कुएं पर प्लेटफार्म बनाने का काम शुरू कर दिया। वहीं रात 7.30 बजे ग्रामीण एक बार फिर आपरेशन की कमान अपने हाथ में लेने को अड़ गए। आपरेशन में जुटे अधिकारियों ने देर रात तक मासूम को बोरिंग से बाहर निकालने की संभावना जताई है।