
बरेली। ड्रग की बुरी लत ने सुमित की जिंदगी तबाह कर दी। साधन सम्पन्न परिवार का यह मझला बेटा बुरी संगत में फंसकर इंजेक्शन से ड्रग लेने लगा और धीरे-धीरे शरीर खोखला होता गया। सुमित की बीमारी को लेकर डाक्टर भी परेशान थे, लेकिन एक डाक्टर की सलाह पर जब एचआईवी की जांच करायी तो होश उड़ गये। वह एचआईवी पाजिटिव हो चुका था। यह रोग उसे ड्रग के रूप में दोस्तों से सौगात के रूप में मिला। घर से बेदखल सुमित सड़क पर आ गया। जिंदगी की गाड़ी पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी थी, लेकिन इसी बीच अमित बाबू से संपर्क हुआ और अब सुमित अकेले ही अपनी जिंदगी से लड़ रहा है।
सुमित एक प्राइवेट कम्पनी में काम कर रहे है और ड्रग को पूरी तरह से त्याग चुके हैं। उसने एचआईवी के साथ जीने की कला सीख ली है। सुमित भी अब अमित बाबू के साथ इस रोग से हार मान चुके लोगों को जिंदगी की राह दिखाने में जुट गये हैं। इस तरह तीन साल पहले अमित बाबू ने जिस मुहिम की शुरूआत की थी, वह आगे बढ़ती जा रही है। समाज से ठुकराये लोगों को फिर से सामाज में जगह दिलाने की यह मुहिम परवान चढ़ रही है। खुद एचआईवी पाजेटिव अमित बाबू बताते है-'मुझे जब इस रोग की जानकारी हुई तो पैरों तले जमीन खिसक गई, लेकिन जिंदगी से हार नहीं मानी। खुद लड़ा और तभी संकल्प लिया कि ऐसे लोगों को राह दिखाने के लिये मुहिम शुरू की जाये।'
इंडियन नेटवर्क फार पीपुल्स लिविंग विद एचआईवी एड्स और राज्य स्तरीय संगठन से संपर्क कर बरेली पाजेटिव पीपुल्स वैलफेयर सोसाइटी क नींव रखी। सात लोगों के साथ इस कारवां की शुरूआत की, जिसमें आज 82 लोग जुड़ चुके है। यह सभी एचआईवी पाजेटिव है। अमित बाबू बताते है-'हमारा मकसद एचआईवी के साथ जी रहे लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है। सरकारी योजनाओें में भागीदारी और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।' हम इस मकसद में कामयाब भी हुए है क्योंकि जब एचआईवी पाजेटिव व्यक्ति इस रोग से पीड़ित की काउंसलिंग करता है, तो उसका मनोबल बढ़ता है। अमित ग्रेटर इन्वालमेंट फार पीपुल्स लिविंग विद एचआईवी एड्स में बतौर स्टेट कोआर्डिनेटर काम कर रहे है, यह संस्था एचआईवी पीपुल्स को नौकरियों और सरकारी योजनाओं में भागीदारी के लिये मुहिम चला रही है। कई लोगों को रोजगार दिलाने में सफलता भी मिली है। कहते है-'इंजेक्शन से ड्रग लेने की लत एचआईवी पीपुल्स की संख्या बढ़ा रही है। इस दिशा में काम करने की जरूरत है।' (गोपनीयता बनाने के लिये सभी नाम बदल दिये गये है।)