
मुजफ्फरनगर। अफ्रिकन शेर को पिंजरे में बंद रखना एशियन सर्कस के मालिक को महंगा पड़ा है। पुलिस ने वन विभाग की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर उनके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल रवाना कर दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय पशु रक्षा अधिकार संस्था के सदस्य नरेश कादियान की शिकायत पर गुरुवार को डीएम अमृत अभिजात और एसएसपी विजय प्रकाश ने पुरकाजी के गांव भूजाहेड़ी के जंगल में स्थित राजीव गुप्ता (एशियन सर्कस के मालिक) के फार्म हाउस पर छापा मारा और वहां पिंजरे में बंद अफ्रिकन बब्बर शेर नरसिम्हा को मुक्त करा लिया। जिला प्रशासन का मानना है कि राजीव गुप्ता ने न केवल अफ्रिकन शेर को अवैध रूप से पिंजरे में बंद कर रखा था बल्कि उसके साथ क्रूरता पूर्ण व्यवहार भी किया है। इसी कारण पुरकाजी थाने में वन क्षेत्राधिकारी राजेन्द्र सिंह की ओर से 3/11 पशुवध क्रूरता अधिनियम और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। पुलिस ने राजीव गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। राजीव गुप्ता ने प्रशासन की तमाम कवायद को कोर्ट की अवमानना और अनावश्यक उत्पीड़न की संज्ञा देते हुए कोर्ट में लड़ाई लड़ने की बात कही है।
गौरतलब है कि एशियन सर्कस के मालिक राजीव गुप्ता के फार्म हाउस पर यह शेर पिछले आठ वर्षो से पल रहा था। केन्द्र सरकार द्वारा जंगली जानवरों का सर्कस में प्रदर्शन प्रतिबंधित करने के बाद राजीव गुप्ता ने शेर को अपने फार्म हाउस पर रख रखा था। उधर, गुरुवार को उनके फार्म हाउस से शेर बरामद होने के बाद देर रात वन विभाग ने राजीव गुप्ता के नई मंडी आवास पर छापा मारा। यहां से वन विभाग के कर्मचारियों ने नाखून रहित शेरनी की एक ट्राफी, एक पेंथर की नाखून रहित ट्राफी और पेंथर के बंच्चे की दो ट्राफियां बरामद की। इस संबंध में नई मंडी कोतवाली में क्षेत्राधिकारी वन भूदेव पंवार की ओर से भारतीय वन्य जंतु अधिनियम 1991 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। राजीव गुप्ता के फार्म हाउस से बरामद कराए गए अफ्रिकन शेर नरसिम्हा को शुक्रवार को जयपुर रवाना कर दिया गया। वहां रेस्क्यू सेंटर में शेर को रखा जाएगा।