बाजपुर, जागरण कार्यालय: शिक्षा विकास का प्रथम एवं आवश्यक कदम है और बिना शिक्षा के विकास की कल्पना बेकार है। इसलिए सभी विद्वानों व महापुरुषों ने शिक्षा को बड़ा महत्व दिया है।
उपरोक्त बात राज्य संसाधन केंद्र (प्रौढ़ शिक्षा) उत्तराखंड की संयुक्त निदेशिका डा. प्रिया जाडू ने ठाठ गुरुद्वारा नानकसर, गोबरा, बाजपुर में केंद्र की ओर से साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत संचालित 45 दिवसीय आवासीय कंप्यूटर बेस कार्यात्मक साक्षरता शिविर के समापन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि इस अवधि में 44 बालिकाओं को कंप्यूटर के माध्यम से कार्यात्मक साक्षरता प्रदान करना निसंदेह सूचना संचार तकनीकी का ग्रामीण स्तर पर उपयोग बहुत ही अच्छा रहा है।
नानक सर ठाठ के सेवादार बाबा प्रताप सिंह ने कहा कि जागरूकता एवं अज्ञानता के कारण आज भी हमारा ग्रामीण समुदाय विशेषकर महिलाएं बहुत ही पीछे हैं। हमें साक्षरता एवं व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें विकास की प्रक्रिया में शामिल करना होगा। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डन विद्या लोहनी ने शिविर में प्रदान की गई साक्षरता एवं व्यवसायिक शिक्षा को क्षेत्र में बालिका शिखा के लिए बढ़ावा देने में मददगार बताया। लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किये। इस दौरान ब्लॉक समंवयक जाकिर अली, नोडल अधिकारी कासम, ग्राम प्रधान मलकीत सिंह, सीएस नेगी आदि थे।