मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की ऐतिहासिकता को चुनौती देनेवालों को चुनौती देता एक शोध सामने आया है , जो सिद्ध करता है कि राम पौराणिक नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व थे। उनका जन्म 5114 ईसापूर्व 10 जनवरी को हुआ था। इस तरह अगली 10 जनवरी को राम के जन्म के 7122 साल पूरे हो जाएंगे।
शिरडी के साईबाबा आज असंख्य लोगों के आराध्यदेव बन चुके है। उनकी कीर्ति दिन दोगुनी-रात चौगुनी बढ़ती जा रही है। यद्यपि बाबा के द्वारा नश्वर शरीर को त्यागे हुए अनेक वर्ष बीत चुके...
नई दिल्ली। अपने बड़े बेटे हरिलाल के इसलाम धर्म कबूल करने से न केवल महात्मा गांधी बल्कि उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी भी बेहद आहत थीं। उन्होंने इस संबंध में अपने इस पुत्र के साथ ही उसके मुसलिम दोस्तों को भी पत्र लिखा था।
इन पत्रों में न केवल...
नई दिल्ली। कैसे हुई थी ब्रह्मांड की उत्पत्तिा? क्या हुआ था सुदूर अंतरिक्ष में लाखों साल पूर्व हुए उस जबरदस्त धमाके 'बिग बैंग' के बाद? ऐसे तमाम प्रश्नों का हल वैज्ञानिक अब तक के सबसे बड़े परीक्षण में खोजने जा रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इस...
नई दिल्ली। अभी दुनिया की सबसे सस्ती कार (टाटा की नैनो) की चर्चा खत्म भी नहीं हुई है कि एक अन्य भारतीय कंपनी ने दुनिया का सबसे सस्ता लैपटाप बाजार में उतारने का ऐलान कर दिया है।
आईटी क्षेत्र में दुनिया भर में अपनी धाक जमा चुकी एचसीएल...
इसे विचित्र संयोग ही कहेंगे। रामसेतु बचाने के लिए देश भर में चला आंदोलन बुधवार के दिन में सबसे बड़ी खबर बना। शाम होते-होते दूसरी खबर ने बड़ी खबर का रूप धर लिया। इंडोनेशिया में भयावह भूकंप। इसके बाद भारतीय गृह मंत्रालय का रेड अलर्ट जारी करना। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सुनामी आने की चेतावनी। पहली नज़र में अलग-अलग-सी दिखने वाली दोनों खबरों में अंतर्सबंध है। इसके लिए वैज्ञानिकों द्वारा दी गई चेतावनियों को धैर्य और ध्यान से समझना होगा।
मानवता की दुहाई देने वाला इंसान यहां जानवर से उस समय पिछड़ गया जब एक मां ने अपनी नवजात बच्ची को कूड़े के ढेर पर डाल दिया लेकिन जानवरों ने उसे अपना लिया। कुछ लोगों ने देखा कि कूड़े के ढेर पर कुत्ते नवजात बच्ची को लिपटाए पड़े हैं और उसे सर्दी से बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
नई दिल्ली। सन 1962 की लड़ाई में चीन के साथ युद्ध में भारतीय सेना को जहां कई मोर्चो पर हार का सामना करना पड़ा, वहीं लद्दाख के चुशूल सेक्टर में उसने शौर्य का ऐसा इतिहास रचा कि तमाम प्रयासों के बावजूद चीनी सैनिक रेजांगला पर कब्जा नहीं कर पाए। ...
लंदन। रोजमर्रा की जिंदगी में तकनीक के बढ़ते दखल ने हमें बेहद आरामतलब बना दिया है। मोबाइल फोन, इंटरनेट से जिंदगी आसान तो हुई है लेकिन इसके नुकसान भी हैं। कोई सूचना या रहस्य यदि एक क्लिक की दूरी पर हो, तो कोई क्यों अपने दिमाग को कष्ट देना चाहेगा।...