यौन शोषण के लिए बच्चों का अपहरण

पटना। बिहार पुलिस ने यौन शोषण के लिए बच्चों का अपहरण करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी में सक्रिय इस गिरोह के निशाने पर बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल के खूबसूरत बच्चे थे।

सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक एम आर नायक ने बताया कि यह मामला उस समय उजागर हुआ, जब एक छात्र के अपहरण के मामले में इस गिरोह का सरगना अर्जुन साह पकड़ा गया। पूर्वी चंपारण जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के रामगढ़वा बाजार के रहने वाले साह ने सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना अंतर्गत स्थित एक आवासीय निजी विद्यालय के चौथी कक्षा के एक छात्र का गत 23 जनवरी को अपहरण कर लिया था।

नायक ने बताया कि गत मंगलवार को साह को पूर्वी चंपारण जिले के चिरतैया पुलिस थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद साह ने पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान उक्त छात्र के अपहरण की बात कुबूल करने के साथ ही अपने गिरोह द्वारा पश्चिम चंपारण जिले के एक अन्य बच्चे के अपहरण के बारे में भी जानकारी दी। इसके आधार पर उस बच्चे को इस गिरोह के चंगुल से मुक्त करा लिया गया।

नायक ने बताया कि वह यह जानकर अचंभित रह गए कि साह बच्चों का अपहरण यौन शोषण के लिए किया करता था। उन्होंने बताया कि इस गिरोह के चंगुल से मुक्त कराए गए बच्चों ने भी पूछताछ के दौरान पुलिस के समक्ष इस बात का खुलासा किया कि अपहरण के बाद उनका यौन शोषण किया गया। नायक ने बताया कि इस गैंग की संलिप्तता बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल में हुए अपहरण के करीब एक दर्जन मामलों में है। उन्होंने बताया कि यह गैंग विभिन्न स्कूलों में जाकर वहां पढ़ रहे 14 वर्ष से कम आयु के सुंदर दिखने वाले छात्रों को बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाता था। उन्हें होटलों में रखा जाता था और एक सप्ताह तक यौन शोषण करने के बाद उन्हें मुक्त कर दिया जाता था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीतामढ़ी के उक्त छात्र का अपहरण इस उद्देश्य से इस गिरोह द्वारा किया गया यह तीसरा अपहरण कांड था। इससे पूर्व किए गए एक और बच्चे के अपहरण की घटना में इस गिरोह के सदस्यों ने उक्त बच्चे का यौन शोषण कर उसे बाद में मुक्त कर दिया था। इस गिरोह द्वारा सीतामढ़ी जिले से अपहृत किए तीन बच्चों में से दो को इस गिरोह के सदस्यों ने भारत-नेपाल की सीमा पर रक्सौल के समीप छोड़ दिया था।

दूसरी तरफ, पूर्वी चंपारण जिले के पुलिस अधीक्षक एस एन झा ने बताया कि बच्चों के विचित्र ढंग से लापता होने की इस घटना की जांच के लिए जिला पुलिस टीम का विशेष दस्ता गठित किया गया है। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं उजागर किए जाने की शर्त पर बताया कि यह गिरोह अपहृत किए गए बच्चों के अभिभावकों से फिरौती की भी मांग के लिए दबाव डाला करता था।




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(7) वोट का औसत

average:4.428572
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • राजनीति
    Add to My Yahoo! xml
  • अपराध
    Add to My Yahoo! xml
  • दुर्घटना
    Add to My Yahoo! xml
  • आतंकवाद
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2010 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित