नई दिल्ली [मोगा सेक्स स्कैंडल]। चर्चित मोगा सेक्स स्कैंडल में मामला रफा-दफा कराने के लिए पैसा लेने के आरोपी पूर्व मंत्री तोता सिंह के बेटे ब्रिजेंदर सिंह हाईकोर्ट से निराश होने के बाद अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीमकोर्ट पहुंचे हैं। उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर सुप्रीमकोर्ट में 31 मार्च को सुनवाई होगी। तब तक उन्हें गिरफ्तारी से छूट देने से कोर्ट ने बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया।
ब्रिजेंदर सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण जेटली ने मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की पीठ से अग्रिम जमानत अर्जी पर शीघ्र सुनवाई करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि चर्चित मोगा सेक्स स्कैंडल में दुष्कर्म के आरोपी पार्षदों ने उनके मुवक्किल पर पचास हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है। दोनों पार्षद अग्रिम जमानत पर हैं, जबकि हाईकोर्ट ने उनके मुवक्किल की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जेटली ने अर्जी पर सुनवाई होने तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिए जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि कल उनके मुवक्किल को सीबीआई ने बुलाया है। उनका कहना था कि उनके मुवक्किल पर लगा आरोप जमानत देने लायक है। ऐसी स्थिति में उसे सुनवाई होने तक अंतरिम राहत दे दी जाए। पीठ उनकी दलीलों से सहमत नहीं हुई। कोर्ट ने ब्रिजेंदर की अग्रिम जमानत अर्जी पर 31 मार्च को सुनवाई की तिथि निश्चित कर दी, लेकिन कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से मना कर दिया।