पटना। भ्रष्टाचारी मान नहीं रहे हैं। जहां मौका मिलता है, 'लूट' लेते हैं। निगरानी विभाग ने लोकसेवकों की इस आदत का पर्दाफाश करते हुए गुरुवार को 12 इंजीनियरों एवं ठेकेदार को आरोपित किया। सभी के खिलाफ मुकदमा और विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
मामला मोकामा के बराने जमींदारी बांध की मरम्मत से संबंधित है। 2 करोड़ 1 लाख 86 हजार रुपए के काम में 21 लाख रुपए का फर्जी भुगतान कर दिया गया था। फर्जी भुगतान के मामले में निगरानी विभाग ने कार्यपालक अभियंता व सहायक अभियंता समेत तीन कनीय अभियंताओं को दोषी पाया है। साथ हीं इस घोटाले को संरक्षित करने के आरोप में गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता व सहायक अभियंता सहित चार कनीय अभियंताओं पर भी विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। निगरानी विभाग सभी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करेगा। ठेकेदार से राशि की वसूली की जाएगी।