राज की गिरफ्तारी पर अमल जल्द: मुंबई पुलिस

 
Oct 20, 03:04 pm

मुंबई। बिहारवासियों के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां करने के मामले में एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ जमशेदपुर की अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट सोमवार को मुंबई पुलिस को मिली।

मुंबई पुलिस ने उपायुक्त [जोन-5] मिलिंद भरांबे ने बताया कि जमशेदपुर की अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट आज हमें मिल गया लेकिन हम इस हफ्ते इस पर अमल करेंगे।

भरांबे ने बताया कि राज ठाकरे के खिलाफ जारी वारंट जमदेशपुर पुलिस ले कर आई है और उसे इस हफ्ते बाद में अमल किया जाएगा क्योंकि एमएनएस नेता शहर के बाहर हैं।

एमएनएस सुप्रीमो के खिलाफ यह गैर-जमानती वारंट प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट ए. के. तिवारी ने 30 सितंबर को जारी किया है। इसमें ठाकरे को 17 नवंबर को अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है।

अदालत का यह निर्देश हामिद रजा खान की याचिका पर आया है। पेशे से वकील खान ने आरोप लगाया है कि उन्होंने समाज के एक हिस्से की भावनाओं को आहत किया है। इस बीच एमएनएस के महासचिव अतुल सरपोतदार ने कहा कि राज ठाकरे 25 नवंबर तक कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र इलाके के दौरे पर हैं।

गौरतलब है कि स्थानीय वकील हमीद रजा की याचिका पर बिहारियों के छठ पर्व और उत्तर भारतीयों के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में यहां न्यायिक दंडाधिकारी ए. के तिवारी ने 30 सितंबर को गैर जमानती वारंट पेश करते हुए मुंबई के पुलिस आयुक्त को राज ठाकरे को गिरफ्तार कर 17 नवंबर तक अदालत में पेश करने का आदेश दिया था।

रजा ने कहा कि उन्हें इस बात से बहुत दुख है कि इस मामले में मुंबई पुलिस का रवैया गैरपेशेवर है। गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद पुलिस राज ठाकरे को गिरफ्तार नहीं कर रही है। इसके कारण उनके हौसले और बढ़ रहे हैं जो कल मुंबई में मनसे कार्यकर्ताओं के उत्तर भारतीय छात्रों पर हमले से साफ जाहिर है। उन्होंने कहा कि उक्त न्यायाधीश के छुट्टी से लौटने पर वह उनकी अदालत में कल एक और अर्जी दायर कर आग्रह करेंगे कि मुंबई के पुलिस आयुक्त से इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी जाए और राज को तत्काल गिरफ्तार करने को कहा जाए। रजा ने कहा कि एक आम आदमी को मामूली सी बात पर गिरफ्तार कर लेने वाली मुंबई पुलिस को खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे राज ठाकरे को पकड़ने के मामले में दोहरा बर्ताव नहीं करना चाहिए। इससे स्कार्टलैंड यार्ड के समकक्ष रखी जाने वाली मुंबई पुलिस की छवि धूमिल हो रही है। रजा की ओर से गत दो फरवरी को दायर इस मुकदमें में आरोप लगाया गया था कि ठाकरे ने 31 जनवरी को बिहारियों के पवित्र पर्व छठ तथा उत्तर भारतीयों के बारे में अपमानजनक बयान जारी कर हिंसा और वैमनस्य फैलाने का काम किया।

ज्ञातव्य है कि ठाकरे ने इस मामले को समाप्त करने के लिए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था पर हाईकोर्ट ने पिछले माह उन्हें निचली अदालत में जाने को कह दिया। ठाकरे की ओर से 30 सितंबर को यहां अदालत में पेश हुए उनके वकीलों ने मामले को मुंबई स्थानांतरित करने तथा सुरक्षा कारणों से उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग की जिसे खारिज करते हुए उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।




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