
रांची [जागरण संवाददाता]। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और उनके करीबियों पर आयकर विभाग ने रविवार को भी अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी। कोड़ा से उनके आवास पर दिन भर पूछताछ होती रही। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कोड़ा एंड कंपनी के हवाला लेनदेन के बारे में आयकर विभाग के हाथ कई और अहम सुराग हाथ लगे हैं।
खासकर मुंबई, नासिक, कोलकाता व लखनऊ से हवाला के माध्यम से बाहर भेजी की गई रकम के बारे में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। यह रकम आयकर विभाग द्वारा शनिवार को बताई गई रकम 400 करोड़ रुपये से कई गुना अधिक बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस पूछताछ के बाद आयकर विभाग अपने कई सवालों का जवाब जानने के लिए कोड़ा को जल्द तलब करेगी।
इस बीच कोड़ा करीबी विनोद सिन्हा व संजय चौधरी लापता हो गए हैं। दोनों की खोज में कई अन्य स्थानों पर दबिश दी गई। लेकिन वे पुलिस के हाथ नहीं लगे। मुंबई में जुबेदी बाजार स्थित बालाजी ग्रुप के एमडी मनोज पुननिया से भी दिनभर पूछताछ की गई। यही कंपनी जमशेदपुर के बिष्टुपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से माल बना रही है। बालाजी ग्रुप की तीन कंपनियों का सालाना कारोबार 1200-1300 करोड़ के बीच काफी कम समय के अंदर पहुंच गया है। यह कैसे हुआ, इस बारे में कंपनी के निदेशक अरविंद व्याव व वित्ताीय अधिकारी महेंद्र सिंह से भी सघन पूछताछ जारी रही। विशेषकर हवाला के माध्यम से किन-किन देशों को भेजी गई रकम। बताया जा रहा है कि दुबई, थाइलैंड व मलेशिया के अलावा भी कई ऐसे देश हैं, जहां हवाला के माध्यम से भारी रकम भेजी गई है। कोलकाता में आयकर विभाग की छापेमारी रविवार को भी जारी रही। यहां विकास सिंह नाम के एक संदिग्ध व्यक्ति को पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता में इंडो एसाई के कागजातों की जांच पड़ताल जारी रही। बीमार घोषित घोषित इस औद्योगिक इकाई को विनोद सिन्हा ने खरीदा है। कहा जा रहा है कि कोलकाता और मुंबई में हुए खुलासे कोड़ा की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।
तीन माह से हो रही थी छापे की तैयारी
रांची [जागरण ब्यूरो]। आयकर विभाग द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा व उनके खास सहयोगियों के यहां छापे की तैयारी तीन माह पूर्व से की जा रही थी। छापेमारी के पूर्व कोड़ा के कथित सहयोगियों की पूरी सूची तैयार की गई। इसके बाद उनके द्वारा आयकर विभाग को जो रिर्टन दाखिल किए जाते रहे हैं, उसकी पड़ताल भी की गई। इसके बाद ही शनिवार को छापा मारा गया।
निगरानी ब्यूरो का काम हुआ आसान :
आयकर विभाग ने झारखंड के निगरानी ब्यूरो का बड़ा काम आसान कर दिया। आय से अधिक संपत्तिके मामले में फंसे मधु कोड़ा के मामले में निगरानी ब्यूरो को भी कोड़ा की संपत्तिका आकलन करना था। आयकर विभाग ने कोड़ा और उनसे जुड़े लोगों के यहां छापेमारी कर काफी दस्तावेज बरामद कर लिया है। निगरानी ब्यूरो आयकर से अब इन दस्तावेजों की मांग करेगा।
कई आईएएस अधिकारियों पर भी नजर : आयकर छापे में कोड़ा एंड कंपनी के अरबों रुपये के गोरखधंधे के खुलासे के बाद अब कई आईएएस अधिकारियों पर भी नजर है। सूत्रों के अनुसार, कोड़ा के खान मंत्री और फिर मुख्यमंत्री रहने के दौरान के उनसे सीधे संबंधित आईएएस अधिकारियों पर अब आयकर, प्रवर्तन निदेशालय और राज्य के निगरानी ब्यूरो की नजर है। कहां जा रहा है कि कोड़ा द्वारा खानों को दनादन बांटने के मामले में तत्कालीन खान सचिव पर गाज गिर सकती है। इसी प्रकार कोड़ा के मुख्यमंत्री काल में उनके सचिवालय में अधिकारी रहे आईएएस अफसर भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं।
निगरानी ब्यूरो के डीजी नेयाज अहमद का कहना है कि कई आईएएस और अन्य अधिकारियों पर भी नजर रखी जा रही है। जब उनसे पूछा गया कि किसी मामले में मुख्यमंत्री या मंत्री के यहां फाइल तैयार कर अधिकारी ही भेजते हैं। फिर उन्हें क्यों बख्शा गया है तो नेयाज का जवाब था, पहले जो सामने आया, उस पर फंदा कसा है। अब बारी उन अधिकारियों की है, जो सब कुछ चुपचाप देखते रहे।