
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने हवाला के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है और इसमें 50 करोड़ रुपये के मनीलांडरिंग [धन शोधन] के आरोप में छह व्यापारियों को गिरफ्तार किया है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आरोपियों में से तीन हरमेश अरोड़ा, हरीश चौधरी और प्रदीप कुमार मांगलिक को एक विशेष अदालत के आदेश के आधार पर अपनी हिरासत में रखा है, जबकि तीन अन्य सरफराश अहमत, गोपाल सिंह और गोपाल शर्मा को भी जल्दी ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि कि सभी छह व्यापारी तैयार कपड़ों [रेडीमेड गार्मेट] का कारोबार करते हैं जो हवाला और मनी लांडरिंग के लिए कथित तौर पर निर्यात बिल में 25 फीसदी को बढ़ा कर दिखा रहे थे। राजस्व और सूचना निदेशालय [डीआरआई] पहले से ही उनके निर्यात बिल में कथित हेरा-फेरी की जांच कर रहा था।
ईडी ने दावा है कि ये व्यापारी विदेश में अन्य कारोबार के लिए गैर कानूनी तरीके से धन भी भेज रहे थे और उन पर मनी लांडरिंग निवारक कानून के सख्त प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि देश का यह पहला मामला है, जिसमें आरोपियों पर सीमाशुल्क अधिनियम और धन शोधन निवारक अधिनियम दोनों के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज हुआ है।