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मारन बंधुओं पर कसा मनी लांड्रिंग का शिकंजा

Jan 01, 05:30 am
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नई दिल्ली [नीलू रंजन]। पूर्व संचार मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन के खिलाफ मनी लांड्रिंग का शिकंजा कस गया है। एयरसेल-मैक्सिस डील में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे मारन बंधुओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय [ईडी] ने मनी लांड्रिंग [अवैध धन को वैध बनाने] रोकने के कानून के तहत केस दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही प्रमोद महाजन के कार्यकाल में अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में भी मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया गया है।

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केस दर्ज होने के बाद जल्द ही मारन बंधुओं समेत अन्य आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। मारन भाइयों के साथ-साथ मलेशिया के मैक्सिस ग्रुप के चेयरमैन टी आनंद कृष्णन और निदेशक राल्फ मार्शल समेत तीन कंपनियों को मनी लांड्रिंग का आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि संचार मंत्री रहते हुए दयानिधि मारन ने अनिवासी भारतीय उद्योगपति एस शिवशंकरन को एयरसेल बेचने के लिए मजबूर किया था। एयरसेल के स्पेक्ट्रम आवंटन को मारन ने लगभग दो साल तक लटकाए रखा और स्पेक्ट्रम तभी दिया गया, जब शिवशंकरन ने एयरसेल को मलेशियाई कंपनी मैक्सिस ग्रुप को बेच दिया। स्पेक्ट्रम मिलने के बाद मैक्सिस ग्रुप की सहयोगी कंपनी एस्ट्रो ने मारन परिवार की कंपनी सन डायरेक्ट में लगभग 600 करोड़ रुपये का निवेश किया। आरोप है कि एस्ट्रो ने सन डायरेक्ट के शेयर को बाजार भाव से अधिक कीमत पर खरीदकर परोक्ष रूप से मारन को रिश्वत दी। जांच के दौरान ईडी की नजर इसी रिश्वत की रकम पर होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रिश्वत में दी गई रकम का पता लगाकर उसे जब्त किया जाएगा। गौरतलब है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में डीबी रीयल्टी द्वारा कलैगनार टीवी को दी गई 223 करोड़ रुपये की रिश्वत की रकम को जब्त किया जा चुका है।

गौरतलब है कि सीबीआइ भी दोनों भाइयों से पूछताछ की तैयारी में है। सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनसे पिछले महीने ही पूछताछ की जानी थी, पर सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच अधिकारियों को इसके लिए और इंतजार करने का निर्देश दिया। माना जा रहा है कि अब सीबीआइ मार्च महीने में मारन बंधुओं से आरोपी के रूप में पूछताछ कर सकती है।

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