बरहामपुर। उड़ीसा सरकार ने एचआईवी पीड़ितों को मासिक पेंशन देने का फैसला लिया है। उड़ीसा संभवत: देश का पहला राज्य है जिसने एचआईवी पीड़िुतों को इस तरह का मासिक लाभ देने का फैसला किया है। राज्य में कुल छह हजार 132 एचआईवी पीड़ित हैं।
मधु बाबू पेंशन योजना के पहले चरण में सभी लोगों को इसका लाभ दिया जाएगा, चाहे उनकी उम्र और आय जो भी हो। इस सुविधा का लाभ पाने वाले सर्वाधिक लोग गंजम जिले के होंगे। यहां एचआईवी प्रभावितों की संख्या राज्य में सबसे ज्यादा है।
उड़ीसा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के परियोजना निदेशक परमेश्वर स्वाइन ने कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक एचआईवी पीड़ित व्यक्ति को 200 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। सरकार ने एचआईवी पीड़ित की मौत के बाद उसकी विधवा को भी पेंशन देने का फैसला किया है। स्वैन ने कहा कि उन्होंने पहले चरण में एचआईवी प्रभावित लोगों को पेंशन वितरित करने के लिए जिलाधिकारियों को पहले ही सूची भेज दी है। पेंशन राशि वितरण की प्रक्रिया जारी है। यद्यपि ओएसएसी ने दिसंबर 2007 के अंत में 8200 लोगों की पहचान एचआईवी पीड़ितों के रूप में की है, लेकिन इसने पहले चरण में सिर्फ 6132 लोगों को ही पेंशन देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि नामों की विस्तार से जांच के बाद हमने योजना के पहले चरण में 6,132 लाभार्थियों को पेंशन देने का फैसला किया है।