
चेन्नई। विश्व की पांच सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में शुमार होने के बाद भी हिंदी इंटरनेट पर दस प्रमुख भाषाओं में अपना स्थान बनाने में कामयाब नहीं हो सकी है।
इंटरनेट वर्ल्डस्टेट्स डाट काम के अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। वर्तमान में दुनियाभर में बोली जाने वाली 6000 भाषाओं में से मात्र 12 भाषाएं ही ऐसी है, जिनमें 98 प्रतिशत वेब सामग्री उपलब्ध है। इन भाषाओं में अंग्रेजी सबसे प्रमुख भाषा है। डिजिटल क्रांति में भारतीय पिछड़ गए हैं, क्योंकि अधिकतर को अंग्रेजी बोलना नहीं आता है, जिसका वेब पर सर्वाधिक दबदबा है।
पत्र सूचना कार्यालय की जारी विज्ञप्ति के अनुसार यह बात सामने आई है कि जिस भाषा में सबसे अधिक सामग्री पाई जाती है, उसे अधिक उपयोगकर्ता समझते हैं। अध्ययन में यह भी कहा गया है कि भारतीय भाषाओं में सामग्री की कमी से देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या सीमित हैं। अंग्रेजी बोलने वाले उपयोगकर्ताओं के बीच यह वृद्धि लगभग पूर्ण अवस्था में पहुंच गई है।