देहरादून [जासं]। वेबसाइट पर आप अंग्रेजी के शब्द टाइप करेंगे तो उसका हिंदी में शाब्दिक अनुवाद (मानक हिंदी शब्द) स्वत: ही आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाएगा। यह अनोखी पहल भारत सरकार के वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग की है।
केंद्रीय वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग के अध्यक्ष प्रो. के. विजय कुमार ने दैनिक जागरण से विशेष मुलाकात में बताया कि केंद्रीय शब्दावली आयोग की इस वर्ष शुरू होने वाली दो दूरगामी परियोजनाएं हैं। इनमें 'सीएसटीटीडाटजीओवीडाटइन' वेबसाइट लांच करने का महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी है। इससे केंद्र व राज्य सरकारों के दफ्तरों में हिंदी में काम करने की सुविधा और ताकत दोनों बढ़ेंगी। प्रो. विजय कुमार के मुताबिक शब्दावली आयोग का महत्वाकांक्षी नेशनल ट्रांसलेशन मिशन भी इस वर्ष शुरू हो जाएगा। 700 करोड़ रुपये के इस मिशन का ब्लू प्रिंट लगभग तैयार हो चुका है। अब योजना आयोग से स्वीकृति की औपचारिकता पूरी होनी है। यह मिशन पांच वर्ष में पूरा होगा जिसमें अंग्रेजी व अन्य अंतरराष्ट्रीय भाषाओं और भारतीय भाषाओं की महत्वपूर्ण एवं विश्व प्रसिद्ध पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद होगा। योजना के अंतर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की सभी शाखाओं के साथ आर्थिक, इतिहास, भूगोल आदि से संबंधित विषयों की चुनिंदा पुस्तकें शामिल की जानी हैं।
उन्होंने बताया कि शब्दावली आयोग ने 37 वर्ष के कार्यकाल में अंग्रेजी के नौ लाख शब्दों और कन्नड़, कोंकणी, बोडो, उड़िया व मराठी के छह लाख शब्दों के हिंदी में मानक रूपांतरण प्रस्तुत किए हैं। वर्ष 2006 से राष्ट्रीय प्रशासनिक शब्दावली कार्यक्रम भी आरंभ किया गया है, जिसे इसी वित्तीय वर्ष 2008-09 में पूरा होना है। इसमें हिंदी सहित भारतीय भाषाओं के 20 हजार शब्दों को सूचीबद्ध किया जाना है, जिससे भारतीय भाषाओं में शाब्दिक व वर्तनी की एकरूपता कायम हो सके।