
जगदलपुर। केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने नक्सलवाद को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इस समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए।
पाटिल ने छत्तीसगढ़ के नक्सली प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के दौरे के बाद पत्रकारों से कहा कि नक्सलवाद के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को दलगत भावना से ऊपर उठकर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि समस्या का बेहतर समाधान ढूंढा जा सके।
इसके पहले गृह मंत्री ने दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड के तहत अरनपुर गांव में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को संबोधित करते हुए नक्सलियों से भी आह्वान किया कि वह हिंसा छोड़ चर्चा का रास्ता अपनाएं। पाटिल ने नक्सलियों का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश उन्हें वह सब कुछ दे सकता है, जो वह चाहते हैं लेकिन जिस पद्धति को उन्होंने अपनाया है, उसे मान्य नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों को बंदूक और गोली की भाषा छोड़नी पडे़गी, अन्यथा हमारे जवान उनके मंसूबे पूरे नहीं होने देंगे।
पाटिल ने कहा कि नक्सली हमारे भटके हुए भाई हैं। वे भी इस देश के निवासी हैं लेकिन चर्चा में विश्वास नहीं करते जो लोकतंत्र और संविधान की दृष्टि से जरूरी है। यदि वे बंदूक की भाषा में बात करना चाहेंगे तो सरकार भी खामोश नहीं बैठेगी। छत्तीसगढ के नक्सली प्रभावित क्षेत्र में फैली हिंसा का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ऐसी विषम परिस्थितियों में हमारे जवान पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं। इन्हीं जवानों की मदद से नक्सली अपने नापाक इरादों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने नक्सलियों से मुख्य धारा से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के जरिए किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप कार्य करना होगा। पाटिल ने नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों को पूर्वोत्तर राज्यों की तरह विशेष भत्ता दिए जाने की मांग पर सिद्धांतत: सहमति जताते हुए आश्वासन दिया कि सरकार इस दिशा में आवश्यक पहल करेगी। उन्होंने अरनपुर में ग्रामीणों से चर्चा करने के अलावा पड़ोसी बीजापुर जिले के पामेड पहुंचकर सुरक्षा बल के जवानों से मुलाकात की।
इसके पहले पाटिल विशेष विमान से रायपुर पहुंचे और वहां से हेलीकाप्टर से राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन और मुख्यमंत्री डा रमन सिंह के साथ अरनपुर गांव पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री ने जगदलपुर में पत्रकारों से कहा कि नक्सलवाद राष्ट्रीय समस्या है और इसका हल बातचीत के जरिए ही संभव है। उन्होंने कहा कि केंद्र इस समस्या के समाधान के लिए राज्य को हरसंभव मदद मुहैया करा रही है और आगे भी इसे जारी रखेगी। पाटिल ने नक्सली समस्या के परिप्रेक्ष्य में कहा कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं।