
नई दिल्ली। केंद्र सरकार नक्सलियों से मुकाबले के लिए सीआरपीएफ के नियंत्रण में विशेष कार्य बल [एसएएफ] का गठन कर सकती है। इस आशय के एक प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय की मुहर लगने का इंतजार है।
प्रस्ताव के मुताबिक नए बल में 10 बटालियन [10 हजार जवान] होंगी। इसको आंध्र प्रदेश पुलिस के 'ग्रेहाउंड' तरीके पर बनाया जाएगा। हाल ही में राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वामपंथी उग्रवादियों को भारतीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। उन्होंने सभी राज्यों से ग्रेहाउंड के आधार पर नक्सल गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए विशेष इकाई बनाने की बात कही थी। आंध्र प्रदेश पुलिस ने 1989 में ग्रेहाउंड प्रकार के बल का गठन किया था। इसमें कमांडो और जंगली लड़ाई में पारंगत सर्वश्रेष्ठ पुलिस अधिकारियों को लिया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, एसएएफ के अधिकारियों और जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और पूर्वाेत्तर के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में जितने जवान मारे जा चुके हैं, उनसे ज्यादा नक्सल प्रभावित राज्यों में मारे गए हैं। साल के पहले तीन महीनों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 45 जवान मारे गए थे। इसी दौरान जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में मरने वालों की संख्या इससे एक तिहाई से भी कम थी।
पिछले दो साल में नक्सल प्रभावित राज्यों में मारे जाने वाले जवानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2006 में जहां 157 जवानों के मरने की खबर थी, वहीं 2007 में यह संख्या 236 थी। 2006 में 11 राज्यों में नक्सल हिंसा की 1509 घटनायें हुई जबकि 2007 में 13 राज्यों में ऐसे 1565 मामले दर्ज किए गए।