
नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि केवल चार्टर्ड और कास्ट एकाउंटेंट ही बिक्री कर रिटर्न की आडिट और प्रमाणीकरण कर सकते हैं। इस फैसले से उन वकीलों और पूर्व बिक्री कर अधिकारियों पर असर होगा जिन्होंने बिक्री कर कानूनों में विशेषज्ञता हासिल की है।
न्यायमूर्ति एच के सेमा और न्यायमूर्ति मार्कडेय काटजू की पीठ ने महाराष्ट्र के बिक्री कर प्रैक्टीशनर्स एसोसिएशन और बार काउंसिल आफ महाराष्ट्र की याचिकाओं को खारिज कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने इस बारे में बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को सही ठहराया है। इसमें कहा गया है कि केवल चार्टर्ड एकाउंटेंट [सीए] और कास्ट एकाउंटेंट ही बिक्री कर रिटर्न का प्रणामीकरण कर सकते हैं। न्यायमूर्ति काटजू ने कहा कि हम इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। कानून में संशोधन के लिए विधायिका को कहा जाए।
हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र मूल्य वर्धित कर कानून में संशोधन को सही ठहराते हुए कहा था कि कर चोरी बचाने में मदद करना ही इसका उद्देश्य है। कानून 40 लाख रुपये से अधिक सालाना बिक्री करने वाले सभी व्यापारियों के लिए अनिवार्य करता है कि वे अपने बिक्री कर रिटर्न को किसी चार्टर्ड या कास्ट एकाउंटेंट से प्रमाणीकरण कराकर भेजें।