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मेरिट लिस्ट मामला सुप्रीमकोर्ट पहुंचा

May 16, 10:42 pm
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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। सिविल सेवा परीक्षा की मेरिट लिस्ट निरस्त करने के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार ने मेरिट लिस्ट व सिविल सर्विस संशोधित नियम 16 [2] को रद्द किए जाने के मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर 19 मई को सुनवाई होगी।

मद्रास हाईकोर्ट ने गत 20 मार्च को संशोधित नियम 16 [2] को अवैध ठहराते हुए सिविल सेवा परीक्षा 2005 की मेरिट लिस्ट भी निरस्त कर दी थी। संघ लोकसेवा आयोग [यूपीएससी] को पुराने नियमों के मुताबिक फिर से मेरिट लिस्ट बनाने का निर्देश दिया था। संशोधित कानून में सिविल सेवा परीक्षा में सामान्य वर्ग की मेरिट लिस्ट में स्थान पाए आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को कैडर और सर्विस में अच्छी स्थिति पाने के लिए आरक्षण का लाभ दिए जाने का प्रावधान किया गया है। जबकि पुराने नियमों में ऐसा नहीं था।

शुक्रवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीमकोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल विशेष अनुमति याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया। सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सालीसिटर जनरल विकास सिंह और वकील वसीम अहमद कादरी ने कहा कि हाईकोर्ट ने मेरिट लिस्ट निरस्त कर दी है। इससे आईएएस व अन्य सेवाओं में नियुक्ति रुक गई है। अगले वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा की तिथि घोषित हो चुकी है। सिंह ने कहा कि एक उम्मीदवार सिर्फ चार बार ही सिविल सेवा परीक्षा में भाग लेने का मौका मिलता है।

सामान्यत: अगले वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा की तिथि घोषित होने से पहले मेरिट लिस्ट घोषित कर दी जाती है ताकि बाकी के उम्मीदवारों को अपनी स्थिति का पता चल सके और वे उसी के अनुसार अगली परीक्षा में भाग ले सकें। पीठ ने उनका शीघ्र सुनवाई का अनुरोध स्वीकार करते हुए मामले पर सोमवार को सुनवाई की अनुमति दे दी है।

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