नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। शिक्षक और लेक्चरर भर्ती में महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को आरक्षण दिए जाने को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुप्रीमकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति अरिजीत पसायत की अध्यक्षता वाली पीठ ने आरक्षण की अधिसूचना को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए यह नोटिस जारी किया। याचिका में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने को तो सही ठहराया था लेकिन ग्रामीण क्षेत्र को 50 फीसदी आरक्षण देने के प्रावधान को रद्द कर दिया था।
हरियाणा सरकार ने 20 जुलाई 2006 को अधिसूचना जारी की जिसमें शिक्षकों व लेक्चरर भर्ती में महिलाओं को 33 फीसदी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को पचास फीसदी आरक्षण दिए जाने की घोषणा की। याचिकाकर्ता महेंद्र कुमार व 19 अन्य लोगों ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर राज्य सरकार की इस अधिसूचना को चुनौती दी। चुनौती का मुख्य आधार था कि इस आरक्षण से आरक्षण की तय सीमा का उल्लंघन होता है। यही नहीं सामान्य उम्मीदवारों के लिए कोई जगह नहीं बचती है। जबकि सरकार का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्र को आरक्षण देने का आधार ग्रामीण क्षेत्र से मैट्रिक करने को रखा गया है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए महिला आरक्षण को तो सही ठहराया था, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र को पचास फीसदी आरक्षण निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल की है।