
नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने शुक्रवार को उस व्यक्ति को सुनाए गए मृत्युदंड की पुष्टि की जिसने अपने पड़ोस की दो नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या कर दी थी।
न्यायमूर्ति अरिजीत पसायत और पी सथाशिवम की एक पीठ ने मामले को दुर्लभतम बताते हुए कि दोषी मोहन अन्ना चव्हाण मौत की सजा का हकदार है। उल्लेखनीय है कि अभियुक्त ने यह अपराध 13 दिसंबर 1999 को उस समय किया था जब वह दुष्कर्म के अन्य मामलों में जमानत पर बाहर था। निचली अदालत उसे मौत की सजा सुना चुकी है।