नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। कानपुर में बम बनाते समय हुए विस्फोट के बाद कांग्रेस ने हिंदूवादी संगठन बजरंग दल की तुलना मुसलिम चरमपंथी संगठन सिमी के साथ कर उस पर प्रतिबंध की मुहिम शुरू कर दी है। इस मुहिम की कमान संभाली है केंद्रीय गृह राज्यमंत्री व कानपुर से सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल ने। उन्होंने बजरंग दल पर नकेल कसने के लिए उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार से कानपुर की घटना की जांच सीबीआई को सौंपने का लिखित आग्रह किया है।
जन्माष्टमी से ठीक पहले कानपुर में बम बनाते समय हुए विस्फोट में दो युवकों राजीव मिश्रा और भूपेंद्र सिंह चोपड़ा की मौत हो गई थी। इनमें से राजीव मिश्रा को बजरंग दल का सदस्य बताते हुए जायसवाल ने आशंका जताई कि पूरा घटनाक्रम किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। उन्होंने इस आशंका को भी खारिज नहीं किया कि जन्माष्टमी से पहले धार्मिक स्थलों पर विस्फोट कर सांप्रदायिक वैमनस्य बढ़ाने की साजिश के तार भी इस घटना से जुडे़ हो सकते हैं।
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि 'जो तथ्य सामने आए हैं उनसे संदेह नहीं कि यह संगठन किसी बड़ी साजिश में लगा था, जिसकी सीबीआई से जांच कराना जरूरी हो गया है। इस घटना में यह भी संभव है कि किसी अंतरराज्यीय गिरोह की साजिश हो। इसकी भी जांच राष्ट्रीय एजेंसी से कराना अधिक उपयोगी और आसान होगा।' बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि 'संगठनों पर प्रतिबंध लगाने या हटाने की सभी कार्रवाई राज्य सरकारों की सिफारिश पर होती है। कोई राज्य अगर इस बारे में संस्तुति करेगा तो हम विचार करेंगे।'
दूसरी ओर, कश्मीर घाटी की स्थिति के संदर्भ में जायसवाल ने कहा कि 'जो शक्तियां देश की संप्रभुता से खिलवाड़ करना चाहती हैं उनसे डट कर मुकाबला किया जाएगा। इनसे किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में पूरी ताकत से उन्हें जवाब दिया जाएगा।' अलगाववादियों की कल की रैली में मिले कारतूस के खोखों से लगता है कि भीड़ से गोलियां चलाई गई। राज्य सरकार मामले की जांच करेगी।