
सिंगुर। टाटा के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के तेवर और तल्ख हो गए हैं। सिंगुर में सातवें दिन भी धरने पर जमी रहीं ममता ने कहा कि टाटा समूह अगर पश्चिम बंगाल में रिटेल सेक्टर में प्रवेश करता है, तो उनकी पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी।
सिंगुर में दुर्गापुर एक्सप्रेस-वे के निकट धरना मंच से समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अगर टाटा समूह को रिटेल सेक्टर में प्रवेश की अनुमति दी गई तो छोटे व्यवसायी तबाह हो जाएंगे। तृणमूल कांग्रेस आंदोलन के जरिए इसका पुरजोर विरोध करेगी। ममता ने बताया कि उनकी पार्टी ने छोटे व्यवसाइयों के समर्थन एक सितंबर को कोलकाता में रैली का ऐलान पहले से ही कर रखा है। इसमें छोटे व्यवसाइयों के हितों की रक्षा की रणनीति तय की जाएगी। एक सितंबर को ही कोलकाता में माकपा की प्रस्तावित रैली की आलोचना करते हुए तृणमूल प्रमुख ने कहा कि मार्क्सवादी वैसे तो बात करते हैं साम्राज्यवाद के विरोध की, लेकिन कर रहे पूंजीपंतियों की हिमायत। टाटा का मामला इसका उदाहरण है। दुर्गापुर एक्सप्रेस-वे जाम करने के आरोपों को ममता ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा-'मैं या हमारी पार्टी किसी को नहीं रोकना चाहती।' इस बीच तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी ने संववाददाताओं को बताया कि नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के चेयरमैन अवधेश कुमार ने उनसे शनिवार को मुलाकात की। अवधेश कुमार ने उनसे धरना समाप्त करने की गुजारिश की। कल्याण बनर्जी के मुताबिक उन्होंने अथारिटी के चेयरमैन को उन्होंने बताया कि दुर्गापुर एक्सप्रसे-वे जाम से उनकी पार्टी के धरने का कोई लेनादेना नहीं है। जाम धरने के कारण नहीं लगा है।
बनर्जी का आरोप था कि पुलिस ने बर्धमान के पालस्ती से लेकर हुगली जिले के महेश्वरपुर तक ट्रकों को रोक रखा है। इसी वजह से जाम लगा है।
नैनो प्लांट में दूसरे दिन भी काम ठप
सिंगुर में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के बेमियादी धरना और विरोध प्रदर्शन की वजह से टाटा कीनिर्माणाधीन नैनो कार फैक्टरी में लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी काम पूरी तरह ठप रहा।
दूसरी ओर मुंबई में टाटा मोटर्स ने ऐसे संकेत दिए हैं कि सिंगुर के नैनो प्लांट में फिलहाल कामकाज ठप ही रहेगा, क्योंकि वहां के हालात अभी अनुकूल नहीं हैं।
एक प्रवक्ता ने ई-मेल के जरिए जारी अपने बयान में कहा है कि सिंगुर के हालात में अब भी कोई सुधार नहीं हुआ है। काम शुरू करने लायक माहौल नहीं बन पाया है।
सिंगुर से प्राप्त रिपोर्टो के मुताबिक फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर टाटा मोटर्स प्रबंधन ने काम बंद रखने का फैसला किया है। हालांकि ममता बनर्जी बार-बार धरना मंच से यही कह रही हैं कि वहां कर्मचारी स्वेच्छा से काम पर नहीं आ रहे हैं। शनिवार को फैक्टरी परिसर में वीरानी छाई रही। सिर्फ सुरक्षा कर्मी व पुलिस बल तैनात थे। कर्मियों को लेकर एक भी बस अंदर नहीं गई। दुर्गापुर एक्सप्रेस-वे के अवरुद्ध होने के कारण फैक्टरी में कच्चा माल भी नहीं आ पा रहा है।
इधर फैक्टरी के कर्मियों का पलायन बदस्तूर जारी है। उल्लेखनीय है कि कृषि जमीन रक्षा कमेटी व खेत-मजदूर संघ की ओर से गुरुवार की शाम को काम से लौटते वक्त टाटा फैक्टरी के कर्मचारियों को रोका गया था।