पुरी। उड़ीसा में पुरी के शंकराचार्य जगत गुरु स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने राजनेताओं पर आजादी के बाद से ही अल्पसंख्यक समुदाय के तुष्टीकरण के लिए गलत नीतियां अपनाने और हिंदुओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
हाल ही में उड़ीसा के कंधमाल में मारे गए स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते समय शंकराचार्य ने कहा कि अल्पसंख्यकों को संतुष्ट करने के लिए नेताओं ने जो नीतियां अपनाई हैं उनकी वजह से हिंदुओं के समक्ष अपने ही देश में गंभीर खतरा पैदा हो गया है। शोक सभा में अनेक महंतों और धर्मगुरुओं ने हिस्सा लिया। शंकराचार्य ने बताया कि ईसा मसीह जब भारत में दस वर्ष रहे थे उस वक्त उन्होंने तीन वर्ष पुरी में बिताए थे। इस दौरान उन्होंने योगा और धर्मग्रंथ के मंत्र सीखे जिससे उन्हें शांति, सहिष्णुता एवं मोक्ष का ज्ञान हुआ। उन्होंने बताया कि यह सुनकर बड़ा आश्चर्य होता है कि आज उनके ही भक्त हिंदुत्व को ही नष्ट करने पर तुले हैं। शंकाराचार्य ने कहा कि कोई भी सच्चा धर्म हिंसा का रास्ता नहीं सिखाता। उन्होंने कहा कि ईसाई धर्म के लोगों ने भी हिंदुओं पर हमले करने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए उन्होंने देश के उन नेताओं को दोषी ठहराया जिन्होंने ईसाई मिशनरियों का देश में स्वागत किया और उन्हें संरक्षित किया। आज की तारीख में हमारे देश के नेता न तो निर्दोष हिंदू संतों की हत्याएं रोकने और न ही हिंदू विरोधी तत्वों को देश से बाहर निकाल पाने में सफल रहे हैं।