जम्मू। अमरनाथ श्राइन बोर्ड को भूमि हस्तांतरण पर रोक के बाद दो महीने तक विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाली समिति ने शनिवार को जम्मू- कश्मीर सरकार से कहा कि वह दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को अमल में लाने में देर न करे।
समिति ने चेतावनी दी कि समझौते के अमल में किसी भी प्रकार का टालमटोल होने से वह अपना आंदोलन पुनर्जीवित कर देगी। श्री अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के प्रवक्ता नरिंदर शर्मा ने कहा कि भले ही श्राइन बोर्ड को जमीन हस्तांतरण बहाल करने का का मामला सरकार ने हल कर दिया है लेकिन विरोध प्रदर्शन से संबंधित मुददों के संबंध में अधिकारियों की ओर से देर हो रही है।
शर्मा ने कहा कि राज्यपाल द्वारा गठित कमेटी की अध्यक्षता करने वाले एसएस बोलेरिया ने प्रदर्शनकारियों को जनसुरक्षा कानून सहित उनके ऊपर दर्ज किए गए सारे मामले वापस ले लेने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि यह भी वादा किया गया था कि प्रमुख गृह सचिव के नेतृत्व में गठित की गई एक उच्च स्तरीय कमेटी सभी मुकदमों की समीक्षा करेगी। लेकिन इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है।
शर्मा ने समिति की मांग पर जम्मू क्षेत्र के कुछ पुलिस अधिकारियों के तबादले करने पर सरकार के कदम की सराहना की।