नई दिल्ली। अगरबत्ती जला कर सामान्य तरीके से पूजा करने में यकीन रखने वाले अभिनेता मनोज वाजपेयी गणपति उत्सव के दौरान भगवान गणेश से दुआ कर रहे हैं कि बिहार में बाढ़ से उपजी समस्याओं से लोगों को जल्द छुटकारा मिले।
मनोज ने अपने ब्लाग में लिखा है कि उन्हें पूजा के विधि विधान की अधिक जानकारी नहीं है और वह अगरबत्ती जला कर सामान्य तरीके से पूजा करने में यकीन करते हैं। उन्होंने लिखा है कि इस महीने ढोल नगाड़ों की आवाज अहसास कराती है कि गणपति किसी घर में पधार रहे हैं या फिर विसर्जन के लिए जा रहे हैं। उन्होंने लिखा है दरअसल इस माह ढोल, नगाड़े, बैंडबाजे बड़ा सुख देते हैं। हवा में एक अजीब तरीके का हर्षोल्लास होता है। मुंबईवासियों में गणपति दर्शन की होड़ होती है। महाराष्ट्र में गणपति उत्सव की धूम का जिक्र करते हुए मनोज ने लिखा है कि इस वर्ष दिल्ली में उनकी मां ने भी गणपति की स्थापना की और उन्हें फोन कर पूजा की बारीकियों के बारे में पूछा। उन्होंने ब्लाग में लिखा है, गणपति को लाना और विसर्जन करना महाराष्ट्र की संस्कृति से जुड़ा हुआ है जिससे मेरी मां पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं।
मनोज ने कहा है, कहीं न कहीं सारे पर्व आदमी को आदमी से जोड़ते हैं इससे इनकार नहीं किया जा सकता। कभी-कभी यह सोच कर हैरानी होती है कि इस महीने के बाद सिर्फ पर्व और उत्सव का ही वक्त शुरू होता है जो साल के अंत तक चलता है। फिर वह किसी भी धर्म का क्यों न हो। चाहे वो गणपति हो, रमजान, दीवाली, छठ, दशहरा या फिर क्रिसमस क्यों न हो। मनोज के अनुसार ऐसा लगता है कि सारे धर्म एक साथ ईश्वर को याद करते हुए साल की विदाई करते हैं। सभी पर्व में भगवान से दुआ करते हैं। मैं भी गणपति से दुआ करूंगा कि बिहार में बाढ़ से उपजी समस्या से लोगों को जल्द छुटकारा मिले। ईश्वर उन्हें संकट से उबरने की शक्ति दे। उन्हें सुख समृद्घि मिले। देश में शांति का माहौल बने और धर्म के नाम पर लड़ाई न हो।
मनोज बिहार में आई बाढ़ और वहां के लोगों की समस्याओं का जिक्र पहले भी अपने ब्लाग में कर चुके हैं। बिहार के पश्चिमी चंपारण के बेलवा गांव में जन्मे इस अभिनेता ने शिकायत भी की है कि सरकारें आती जाती रहीं, लेकिन बिहार उत्तर से आने वाली नदियों के कहर से बच नहीं पाया।