सार्वजनिक उद्देश्य के लिए भूमि अधिग्रहण उचित

 
Sep 07, 02:30 pm

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने औद्योगिक इकाइयों या विशेष आर्थिक क्षेत्र के लिए कृषि भूमि के अधिग्रहण को लेकर बहस के बीच कहा है कि एक संप्रभु सत्ता के रूप में सरकार सार्वजनिक उपयोग के लिए भूमि का अधिग्रहण कर सकती है।

न्यायमूर्ति सीके ठक्कर व न्यायमूर्ति डीके जैन की खंडपीठ ने कहा कि सार्वजनिक उद्देश्य में औद्योगिक और अन्य बुनियादी विकास नागरिक की साझा भलाई के लिए होता है। पीठ ने हैदराबाद शहर से लगे रंगारेड्डी जिले में आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा कृषि और अन्य भूमि के अधिग्रहण को बरकरार रखते हुए यह फैसला किया। इस अधिग्रहण को बरकरार रखते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि 1984 के भूमि अधिग्रहण के तहत विशेष अधिकार क्षेत्र के सिद्घांत के अनुसार सरकार एक संप्रभु सत्ता है और विस्थापित लोगों को उपयुक्त मुआवजा अदा कर वह भूमि का अधिग्रहण करने का अधिकार रखती है।

विशिष्ट अधिकार क्षेत्र को उपयुक्त मुआवजे का भुगतान कर मालिक की सहमति के बिना सार्वजनिक उपयोग के लिए निजी भूमि को हासिल करने के सरकार के संप्रभु अधिकार के रूप में परिभाषित किया गया है। हाई कोर्ट के अनुसार इस प्रकार विशिष्ट अधिकार क्षेत्र किसी सरकार की वह शक्ति है जिससे वह निजी तौर पर स्वामित्व वाली संपत्ति विशेष तौर पर भूमि को हासिल कर सकता है और इसे सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए उपयोग कर सकता है और इसके लिए उपयुक्त मुआवजा दे सकता है।

शीर्ष कोर्ट ने कहा कि मामले के संपूर्ण तथ्यों पर गौर करने के बाद हमारा मानना है कि बुनियादी परियोजनाओं को स्थापित और विकसित करने के लिए सरकार द्वारा अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू करने की कार्रवाई को कानूनन आपत्तियोग्य नहीं माना जा सकता। भूस्वामियों ने राज्य हाई कोर्ट द्वारा अपनी भूमि के अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। भूस्वामियों ने आरोप लगाया है कि एक विदेशी कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से दुर्भावना के साथ उनकी भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया। उन्होंने कहा कि कंपनी राजधानी में सूचना प्रौद्योगिकी हब के आस पास अपनी परियोजना विकसित करना चाहती है।

याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि वे छोटे भूस्वामी हैं और उनका जीवन अपनी खेती की जमीन पर निर्भर है। हालांकि भूमि का अधिग्रहण करने वाले राज्य सरकार और आंध्रप्रदेश औद्योगिकी ढांचागत निगम ने कहा कि उन्होंने सामाजिक आर्थिक प्रगति के लिए राज्य में बुनियादी परियोजनाओं के विकास के लिए भूमि का उपयुक्त अधिग्रहण किया है। सरकार के अनुसार हैदराबाद की सीमा से सटे रंगारेड्डी जिले के विभिन्न गांवों में विशेष परियोजनाओं के विकास के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इन परियोजनाओं में साफ्टवेयर से जुड़ी परियोजनाएं भारतीय वाणिज्य स्कूल भारतीय सू़चना प्रौद्योगिकी संस्थान हाईटेक सिटी राष्ट्रीय खेल गांव स्पो‌र्ट्स स्टेडिया समन्वित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र गोल्फ कोर्स वित्तीय जिला आदि शामिल हैं। इनमें से कुछ परियोजनाएं पहले ही आकार ग्रहण कर चुकी हैं और कुछ अन्य विकास के विभिन्न चरणों में हैं। शीर्ष अदालत को बताया गया था कि इन परियोजनाओं के कार्यान्यवयन में समय एक महत्वपूर्ण कारक है।




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