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कोसी को बांधने की कोशिश खतरनाक

Sep 07, 02:31 pm
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नई दिल्ली। जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले प्रख्यात पर्यावरणविद् अनुपम मिश्र का कहना है कि कोसी पर बैराज और तटबंध बनाकर उसे बांधने की कोशिश आगे और तबाही का सबब बन सकती है।

मिश्र ने बताया कि गाद से भरी कोसी पर अगर तटबंध बना दिए जाएं तो यह एक बार फिर पूर्व-पश्चिम की ओर अपनी दिशा बदलेगी और क्षेत्र की भौगोलिक बनावट के विपरीत बहाव के साथ दोबारा तबाही का कारण बनेगी। जल व्यवस्था और पारंपरिक जल संरक्षण पर अनेक किताबें लिखने वाले मिश्र ने कहा, 'कोसी की सात धाराओं को नहीं बांधा जा सकता। मैदानी इलाकों में नदी में गाद जमा होने के कारण पानी दिशा बदल रहा है। यह नदी 20 हजार साल पुरानी है। पिछले 200 साल में ये अपने असली रास्ते से करीब 120 किलोमीटर विचलित हुई है।

उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर बनाया गया बैराज इसके पानी को नियंत्रित नहीं कर पाया है, जबकि इससे नदी की दिशा जरूर बदल गई है। मिश्र ने कहा कि बैराज और तटबंध उन नदियों में कारगर सिद्ध हो सकते है जिनमें गाद कम होता है और जिनकेबहाव की गति धीमी है।

उल्लेखनीय है कि अपनी किताब 'साफ माथे का समाज' में मिश्र ने उत्तरी बिहार की नदियों, समाज पर उनके प्रभाव और बाढ़ तथा उसके प्रबंधन का जिक्र किया है।

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