नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। अभी तक तो आपने इंसानों के हेल्थ कार्ड के बारे में सुना होगा, लेकिन अब जल्द ही खेतों के हेल्थ कार्ड बनने शुरू होंगे। यह कार्ड देश के हर किसान को दिया जाएगा। इसमें उस किसान के खेतों के बारे में पूरी जानकारी होगी यानी उसकी उर्वरता कितनी है, उसमें कौन सी फसलें बेहतर उपजाई जा सकती हैं या किस तरह की खाद की उसे जरूरत है। खेतों के हेल्थ कार्ड बनाने का सुझाव उर्वरक सलाहकार फोरम ने दिया है। फोरम की अनुशंसा पर किसानों को उनके खेतों की सटीक जानकारी देने के लिए एक व्यापक अभियान शीघ्र ही देश भर में चलाया जा सकता है।
इसके साथ ही देश के तमाम जिलों में मिंट्टी की उर्वरता और उसके मुताबिक उर्वरक की आवश्यकता बताने के लिए मोबाइल वैन प्रयोगशाला देने के फोरम के सुझाव को भी सरकार ने सैद्धांतिक तौर पर मान लिया है। उर्वरक सलाहकार फोरम की रविवार को समाप्त हुई बैठक में उर्वरक की खपत में भारी वृद्धि के बावजूद खेतों की उत्पादकता में खास बढ़ोतरी नहीं होने पर गंभीर चिंता जताई गई है। इसके बाद फोरम ने केंद्र सरकार को एक साथ कई सुझाव दिए हैं। इन्हें अगले कुछ महीनों में क्रमवार तरीके से लागू किया जाएगा।
फोरम की अनुशंसाओं के आधार पर चालू वित्त वर्ष के दौरान ही 250 जिलों में मिंट्टी की उर्वरता जांचने के लिए मोबाइल प्रयोगशाला उपलब्ध कराई जाएगी। यह मोबाइल वैन गांव-गांव घूम कर वहां के किसानों को फसलों और उर्वरकों की गुणवत्ता व मात्रा पर सूचना देगी। फोरम की बैठक में सभी राज्यों के कृषि मंत्री, रसायन व उर्वरक मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य, राज्यों से आए किासनों व डीलरों के प्रतिनिधि, प्रमुख उर्वरक कंपनियों के सीईओ, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि वगैरह शामिल थे।
फोरम की बैठक में यह महसूस किया गया कि राज्य सरकारों की तरफ से फास्फेटिक व पोटासिक उर्वरकों के विपणन व वितरण पर खास ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उक्त दोनों उर्वरकों को विनियंत्रित कर दिया गया है, लेकिन इन्हें लागू करने के लिए अधिकांश राज्य अभी तक कानून नहीं बना पाए हैं। फोरम ने देश के सभी हिस्सों में उर्वरकों की आपूर्ति को निर्बाध तरीके से चालू रखने के लिए हर रेलवे स्टेशन पर खास व्यस्था करने की अनुशंसा की है। साथ ही इसने देश में उत्कृष्ट और पानी में जल्दी घुल जाने वाले उर्वरकों की खपत बढ़ाने की भी अनुशंसा की है ताकि खाद्यान्न उत्पादन को और तेजी से बढ़ाया जा सके।