बुरहानपुर/नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले के धुले और मध्यप्रदेश के बुरहानपुर नगर में हिंसक घटनाओं के बाद से लागू कर्फ्यू में रविवार को कुछ घंटे की छूट दी गई।
बुरहानपुर में आज सुबह केवल महिलाओं के लिए दो घंटे की ढील दी गई। जिला कलेक्टर केरोलिन खेंगवार देशमुख ने बताया कि स्थिति में सुधार हो रहा है और पिछले चौबीस घंटों के दौरान कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। आज नगर के दो अलग-अलग क्षेत्रों में सुबह सात से आठ और आठ से नौ बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई। यह केवल महिलाओं के लिए ही थी। वहीं, इंदौर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अनिल कुमार ने कहा कि नगर में स्थिति शांतिपूर्ण है और पुलिस स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रही है। बुरहानपुर में शुक्रवार को आगजनी और हिंसा की घटना के बाद दोपहर 2.30 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया गया है। हिंसा की घटनाओं में अब तक आठ लोगों की मृत्यु हो चुकी है और करीब 27 घायल हैं, जिनका यहां शासकीय नेहरू अस्पताल में उपचार चल रहा है। उपद्रव के सिलसिले में पुलिस ने लगभग डेढ़ सौ लोगों को गिरफ्तार किया है।
उधर, नासिक जिला प्रशासन ने रविवार सुबह उत्तरी महाराष्ट्र के धुले शहर में तीन घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी। पुलिस ने कहा कि बृहस्पतिवार से आगजनी की किसी घटना की खबर नहीं है। पुलिस ने कहा कि स्थिति शांतिपूर्ण एवं नियंत्रण में है। जिला प्रशासन ने आज सुबह आठ बजे से तीन घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी, ताकि लोग अपने दैनिक जरूरत के सामान खरीद सकें। एक हिंदू संगठन के पोस्टर को 5 अक्टूबर को फाड़ देने के बाद शहर में सांप्रदायिक दंगे फैल गए थे जिसमें नौ लोगों की जान चली गई और करीब 170 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने कहा कि इस संबंध में 250 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इस बीच, पूर्व विधायक और लोकसंग्राम पार्टी के अध्यक्ष अनिल गोटे ने दोषियों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की मांग की।