नई दिल्ली। उत्तारी महाराष्ट्र के धुले नगर में पांच अक्टूबर को हुई सांप्रदायिक हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग [एनसीएम] ने तथ्य जुटाने के लिए कांग्रेस-राकांपा के शासन वाले राज्य में एक दल भेजने का फैसला किया है।
आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद शफी कुरैशी ने बताया कि टीम धुले के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी और घटना तथा इस पर प्रशासन की भूमिका के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों तथा संबंधित सिफारिशों को अगले महीने राज्य तथा केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। हिंसा में चार लोग मारे गए थे और अतिरिक्त कलेक्टर तथा पुलिसकर्मियों सहित 80 से अधिक घायल हो गए थे। दंगा उस समय भड़का जब एक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर हिंदू रक्षा समिति के उन बैनरों को फाड़ दिया जिनमें लोगों से नगर में होने वाली एक बैठक में शामिल होने की अपील की गई थी।
बैनर फाड़े जाने की घटना से दोनों समुदायों के लोगों में झड़पें हुई। दंगाइयों ने आजाद नगर, गुरुद्वारा, मोगलई, भांगर बाजार और एकवीरा देवी मंदिर क्षेत्रों में भारी पथराव किया, दुकानों को लूट लिया और वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
आयोग के सदस्य हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेंगे और इसके बाद राज्य के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। आयोग ने इससे पहले राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी।
सरकार ने हालांकि, घटना के ब्यौरों और संबंधित कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट भेज दी थी, लेकिन आयोग उससे संतुष्ट नहीं हुआ। सूत्रों ने बताया कि एनसीएम ने अब प्रभावित क्षेत्रों में जाकर खुद जांच करने का फैसला किया है।