सिर्फ स्वाद नहीं, मर्ज की दवा भी

 
Nov 21, 12:31 pm

नई दिल्ली, [वंदना गुप्ता]। प्रगति मैदान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में देश-विदेश के उद्योग और कारोबार की झलक तो है ही जी ललचाने वाला जायका भी यहां उपलब्ध है। काबुल के मेवे दिल्ली वालों के लिए यहां उपलब्ध हैं। इनका स्वाद ऐसा है कि खाने से मन न भरने पर लोग इनका स्टॉक करने से भी पीछे नहीं रह रहे। हॉल नं. 18 में अफगानिस्तान मंडप में किस्म-किस्म की किशमिश और बादाम, खुमानी, मुलैठी तथा काली दरख सरीखे मेवे सजे हुए हैं। लोग इनके मुरीद इसलिए भी हैं क्योंकि इनमें सिर्फ स्वाद ही नहीं, मर्ज की दवा भी है।

कई वर्षो से सूखे मेवों का व्यापार कर रहे अफगानिस्तान से आए हाजी हसन ने बताया कि वे यहां कई साल से आ रहे हैं। काबुल के मेवों के शौकीन उनके स्टॉल पर जरूर आते हैं। उन्होंने कहा कि मेवों की खरीदारी में अकसर लोग धोखा खा जाते हैं। जो बादाम बाजार में 70 से 80 रुपये किलो मिलता है लोग उसे ही पॉलिश करके गुरबंदी के नाम से बेच देते हैं। गुरबंदी खाकर पहलवान कुश्ती किया करते थे, क्योंकि इसमें सबसे ज्यादा ताकत होती है। यह महंगा भी होता है। असली गुरबंदी 400 से 500 रुपये किलो मिलता है। इसके अलावा शकूरबाई बादाम की मीठी गिरी की मिठास देर तक मुंह में रहती है। इसकी कीमत 700 से 800 रुपये प्रति किलो है। वहीं मामरा बादाम राजा-महाराजाओं के समय से शाही लोगों की पसंद रहा है। महंगा होने की वजह से इसे खास लोग ही खाते हैं। इसकी कीमत एक हजार रुपये से 12 सौ रुपये प्रति किलो है।

मेवों की रानी किशमिश की बात करें तो सूंडेखानी किशमिश का नाम सबसे ऊपर आता है। हाजी हसन ने बताया कि यह शुद्ध हरे रंग की होती है। बाजार में जो किशमिश मिलती है, वह रसायनयुक्त होती है, जिसे दूध में डालने पर दूध फट जाता है। इसकी कीमत 500 से 600 रुपये प्रति किलो है।

इसके अलावा, खुमानी के भी कद्रदान अलग है, क्योंकि इसे खाने से चेहरे की चमक बनी रहती है। काली दरख का भी हाल कुछ ऐसा ही नजर आया। इसे लोग इसलिए ढूंढते हैं, क्योंकि यह रक्त को शुद्ध करने का बेहतर जरिया है। गले के लिए मुलैठी भी उपयुक्त रहती है, जिसकी कीमत सौ रुपये प्रति किलो है। इसके मुकाबले में केसर के क्या कहने। काबुल में इसे बामयान के नाम से जानी जाने वाली केसर की कीमत 150 रुपये की प्रति दो ग्राम है।

सूखे मेवों के साथ-साथ कंधारी अनार भी अफगानिस्तान मंडप में लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, वहां से इसकी कीमत तीन गुना ज्यादा है, मगर शाम होते-होते यह अनार लगभग उतनी ही कीमत में 70 से 80 रुपये किलो में भी उपलब्ध हो जाता है।




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