नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने शुक्रवार को मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के खिलाफ मकोका कानून लगाए जाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन और न्यायमूर्ति पी सदाशिवम की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि क्या यह न्यायालय का काम है कि वह किसी व्यक्ति विशेष को खास कानून के तहत गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को आदेश दे, क्या न्यायालय को ऐसी याचिका पर ध्यान देना चाहिए।
एक गैर सरकारी संगठन युवा शक्ति ने सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर कर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून [मकोका] के तहत राज ठाकरे की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा था कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा तथा एकता के लिए खतरा हैं, लेकिन न्यायालय ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और वकील से कहा कि याचिका को वापस ले लें अन्यथा न्यायालय इसे खारिज कर देगा।