
पटना। मानव तस्करी, मादक पदार्थो और जाली नोटों के कारोबार जैसी आपराधिक गतिविधियों पर काबू पाने के लिए भारत-नेपाल सीमा की चौकसी और कड़ी की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल [एसएसबी] की नई चौकियों के निर्माण तथा 750 महिला कर्मियों की तैनाती का फैसला किया है।
एसएसबी के अधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि फिलहाल सीमा पर बनायी गई एसएसबी चौकियों की औसतन दूरी सात से 12 किलोमीटर है। एसएसबी के महानिरीक्षक [आईजी] दिलीप टंडन ने बताया कि बिहार से लगी नेपाल की सीमा पर तकरीबन चार दर्जन एसएसबी की नई चौकियों का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि नई चौकियों के बनने से उनके बीच की औसतन दूरी दो से तीन किलोमीटर की होगी।
टंडन ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने के लिए एसएसबी की 750 महिला कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। उन्होंने बताया कि ये महिला कर्मी इस समय हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में प्रशिक्षण ले रही हैं और अगले माह वापस लौट आएंगी। इन्हें हथियारों से लैसकर पूरे बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल की सीमा तक तैनात किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे नेपाल से होने वाले मानव तस्करी, जाली नोटों और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लग सकेगा। उन्होंने कहा कि इन महिला कर्मियों को आवश्यकतानुसार सारी सुविधाएं दी जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि 700 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर इस समय एसएसबी की कुल नौ बटालियनों के जवान तैनात है।