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ढाई माह के दुर्गेश के पेट से निकले दो भ्रूण

Jan 06, 12:03 am
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वाराणसी। महज ढाई माह के दुर्गेश ने एक बार फिर लोगों को हैरानी में डाल दिया। सोमवार को जब सर सुंदरलाल चिकित्सालय के डाक्टरों ने आपरेशन किया तो उसके पेट से एक नहीं बल्कि दो भ्रूण [अविकसित शिशु] निकले।

दोनों ही लड़के थे जिनमें से एक का सिर, एक पैर, रीढ़ व जननांग पूर्णतया विकसित था, जबकि दूसरे का सिर्फ सिर पूर्णतया विकसित था शेष अंग विकास की प्रक्रिया में थे। लगभग दो घंटे तक चले आपरेशन के बाद दुर्गेश को पूर्णतया दर्द से छुटकारा मिल गया है। डाक्टरों की मानें तो उसका शारीरिक विकास अब आम इंसानों की ही तरह होगा।

आपरेशन के बाद बाल रोग सर्जरी विभाग के डा.एएन गंगोपाध्याय ने बताया कि यह फीटस इन फिटु [ट्रिपलेट] का केस है यानि एक बच्चे के पेट में दो शिशु। आपरेशन के समय जब दुर्गेश का पेट खोला गया तो दोनों ही बच्चे उसके शरीर में लीवर, किडनी, स्प्लीन, पैंक्रियाज व स्टमक डियोडेनम के पिछले हिस्से में स्थित थे और दुर्गेश की मेन आ‌र्ट्री से उन्हें खून व अन्य पोषक तत्व पहुंच रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में यह पहला केस है जिसमें एक ढाई माह के बच्चे के पेट से दो अविकसित शिशु निकले हैं। हो सकता है यह विश्व का पहला केस हो। दुर्गेश के मामले में एक अच्छी बात यह रही कि वह समय रहते अस्पताल पहुंच गया अन्यथा दोनों अविकसित भ्रूण गैंगरीन में तब्दील हो सकते थे। ऐसी हालत में दुर्गेश का जान बचाना मुश्किल हो जाता।

आपरेशन करने वाले डॉक्टरों की टीम में विभागाध्यक्ष डा. गंगोपाध्याय के अलावा डा.एसपी शर्मा, पीडियाट्रिक एनेस्थेटिक डा.आरबी सिंह, जूनियर डाक्टरों में डा.पुनीत, डा.जाहिद हसन, डा.राम अवतार व नर्सो में सुनीता व नीलम शामिल थीं।

गौरतलब है कि बलिया जिले के ग्राम रामपुर [सोहांव], थाना नरही के निवासी हेमंत कुमार के ढाई माह के पुत्र दुर्गेश को जब पेट फूलने, दर्द व उलटी की शिकायत हुई तो उसे लेकर वह एक जनवरी को बीएचयू अस्पताल पहुंचा।

अत्याधुनिक 64 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन से जब जांच की गई तो इस बात का खुलासा हुआ कि उसके पेट में बच्चा है। सीटी स्कैन की फिल्म व रिपोर्ट देखने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।

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