मन्नत पूरी होने पर मंदिर में चढ़ाया नवजात

 
Jan 06, 12:52 pm

ऊना, जागरण संवाददाता। इसे किसी निष्ठुर मां का अपराध कहें या फिर आस्था लेकिन उस शिशु का जीवन दाव पर लग गया है, जिसे इस संसार में आए अभी एक पखवाड़ा भी नहीं हुआ है। विडंबना यह है कि जिसे मन्नतों से मांगा गया था वही लावारिस हो गया।

जिले के हरोली क्षेत्र में दुलैहड़ ठाकुरद्वारा मंदिर में रविवार रात को एक नवजात शिशु मिला है जिसे गर्म कपडे़ में लपेटकर मंदिर के भीतर बनी समाधियों के बीच रखा गया था। वहां मिले लिफाफे में दूध की बोतल, कुछ गर्म कपडे़ व शहद की शीशी भी मिली है। खास बात यह है कि नवजात के पास ही पत्र भी मिला है जिसमें बच्चे को यहां छोड़ने का कारण भी बताया गया है। पत्र के मुताबिक बच्चे को यहां छोड़ने का कारण मंदिर में औलाद के लिए मन्नत मांगना बताया गया है। पत्र में लिखा है कि मन्नत में यह भी तय किया गया था कि पहली औलाद को मंदिर में भगवान को सौंप दिया जाएगा।

पुजारी महंत हरिराम को रविवार देर रात बच्चा उस समय समाधियों के बीच मिला जब वह पूजा-पाठ करने के बाद समाधियों की ओर गए थे। समाधियों के बीच कंबल पड़ा था और इसके पास लिफाफा था। महंत ने जब लकड़ी से कंबल को हटाया तो नवजात शिशु के पांव दिखाई दिए। इसके बाद महिला मंडल की प्रधान के सामने बच्चे को वहां से उठाया गया और पुलिस को इस संबंध में सूचना दी गई। पुलिस ने बच्चे को अस्पताल भेज दिया गया है।

क्षेत्रीय चिकित्सालय के एसएमओ डा. वीके रायजादा ने बताया कि शिशु की आयु करीब आठ से पंद्रह रोज के बीच की है और वह पूरी तरह से स्वस्थ है। फिलहाल शिशु अस्पताल के अधीन है। उधर, पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। यह आस्था ही है या फिर आस्था के नाम पर अपराध, यह तफतीश के बाद ही सामने आ सकेगा।




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