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..और आपके जज्बे को सलाम

Jan 06, 12:54 pm
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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। खचाखच भरी बैंक। अचानक शाखा प्रबंधक के केबिन से आई गोली की गूंज। बैंक में काउंटर पर खड़े 75 वर्षीय बुजुर्ग एमके कपूर के कानों में पड़ी तो बिना कुछ सोचे समझे वह मैनेजर केबिन में घुस गए। बहादुरी का परिचय देकर उन्होंने न सिर्फ उन्होंने पिस्टल लिए हुए लुटेरे को पकड़ा बल्कि उसे खींचकर बाहर भी ले आए। उनकी हिम्मत की वजह से ही बैंक लुटने से बच गया और बाद में लुटेरे पकड़े गए। आइए जानते हैं कि इस घटनाक्रम के बारे में कालकाजी निवासी बुजुर्ग एमके कपूर ने क्या कहा-

'बैंक में जिस समय गोली चली, मुझे किसी खतरे का आभास हुआ। प्रबंधक के केबिन में गया तो देखा कि एक युवक उन पर पिस्टल ताने हुए था। माजरा समझते ही मैंने पीछे से युवक को दबोच लिया। इस दौरान वह मुझसे छोड़ देने के लिए कह रहा था, लेकिन मैंने अपने हाथ में पकड़े हेलमेट के बावजूद पकड़ ढीली नहीं की और उसे खींचकर बाहर ले आया। हैरानी की बात है कि बैंक स्टाफ को तब तक गोली की आवाज सुनाई नहीं दी थी। मैंने बाहर आकर शोर मचाया तब बैंककर्मी वहां जुटे।'

घटना के समय डर लगने के संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा कि उस समय डर नाम की कोई चीज मेरे सामने नहीं थी। मुझे केवल अपना फर्ज याद आ रहा था। अगर युवा पीढ़ी भी इसी तरह करें तो फिर हमें कुछ करने की जरूरत ही क्या है! लेकिन अफसोस कि लोग ऐसा नहीं करते।'

गोलियों की आवाज से गूंज उठा इलाका

-रोज की तरह मार्केट में काम चल रहा था। अचानक पकड़ो, पकड़ो तथा जाने न पाए की आवाजें सुनकर लोग चौंके। नजर पड़ी तो सड़क पर सिपाही को गोली मारने के बाद हाथ में पिस्टल लेकर एक युवक बदहवास भागता नजर आया। तभी दौड़कर आए एक अन्य युवक ने भी दनादन गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

जान की परवाह नहीं की

-काकलजी स्थित सेंट्रल बैंक के उप प्रबंधक एचसी वर्मा के अनुसार, 'बैंक में जब प्रबंधक के केबिन से पिस्टल समेत युवक को पकड़कर जब एक बुजुर्ग बाहर लाए तो सभी सकते में आ गए। हमने तब तक गोली की आवाज नहीं सुनी थी, लेकिन वह युवक बार-बार यही कह रहा था कि हम किसी को नुकसान पहुंचाने नहीं आए हैं। यदि किसी ने सामने आने या पकड़ने की कोशिश की तो वह उसे गोली मार देगा। इस बीच हमने बैंक के दरवाजे की कुंडी लगा दी थी। वह युवक सबको जान से मारने की धमकी देकर गेट तक आया तथा बाहर भाग गया। जान की परवाह न करते हुए मैंने उसकी बाइक की चाबी निकालने की कोशिश की लेकिन वह पिस्टल दिखाकर चलता बना।'

सिपाही को मेरे सामने गोली मारी

-समीप में सिलाई का काम करने वाले मो. शरीफ ने बताया, 'मैं दुकान पर बैठा था। अचानक शोर सुनकर सामने नजर पड़ी तो एक युवक बाइक से नीचे पड़ा था। पुलिस के जवान से उसकी धक्कामुक्की चल ही रही थी कि युवक ने अचानक पिस्टल निकालकर सिपाही की जांघ में गोली मार दी। सिपाही के घायल होते ही युवक भाग गया। सब कुछ फिल्मी स्टाइल जैसा था।

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