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चार विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा इसरो

Jan 06, 04:04 pm
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बेंगलूर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन [इसरो] इस साल चार विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा। यूरोप की ईड्स एस्ट्रियम के साथ व्यावसायिक भागीदारी में इसरो द्वारा बनाए गए डब्ल्यू2एम उपग्रह को दो सप्ताह पहले फ्रेंच गुआना के कोउं स्थित गुआना स्पेस सेंटर से यूरोपीय एरियन-5 राकेट के जरिए छोड़ा गया था।

इसरो की व्यावसायिक इकाई एंट्रिक्स कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक केआर श्रीधर मूर्ति ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी सिंगापुर, नीदरलैंड्स, इटली और अल्जीरिया के चार उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की तैयारी कर रही है।

ये ठेके इसरो ने स्वतंत्र रूप से हासिल किए है न कि ईड्स एस्ट्रियम की भागीदारी में। उन्होंने कहा कि हमें सिंगापुर, नीदरलैंड्स, इटली और अल्जीरिया के चार उपग्रह प्रक्षेपित करने हैं। हम इस काम को 2009 में पूरा करना चाहते हैं। ये [चार उपग्रह] नैनो और छोटे उपग्रहों का मिश्रण हैं।

मूर्ति ने कहा कि उपग्रह प्रक्षेपण के काम में इसरो 20 हजार यूरो प्रति किलोग्राम के हिसाब से राशि वसूल करता है जो मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमतों से काफी कम है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रक्षेपण की कीमतें प्रतिस्पद्र्धा बाजार की परिस्थितियों तथा मांग एवं आपूर्ति के परिदृश्य पर निर्भर करती हैं।

डब्ल्यू2एम परियोजना के तहत पेरिस स्थित वैश्विक उपग्रह संचार प्रदाता कंपनी यूटलसैट कम्युनिकेशंस के लिए संयुक्त रूप से उपग्रह निर्माण किया गया।

डब्ल्यू2एम इसरो द्वारा बनाया गया सर्वाधिक वजनी उपग्रह है। प्रक्षेपण के समय इसका वजन 3463 किलोग्राम था जो 15 साल से अधिक समय तक काम करने में सक्षम है। इस उपग्रह के सौर पैनल लगभग सात हजार वाट की अधिकतम विद्युत उत्पन्न करते हैं।

श्रीधर मूर्ति ने कहा कि इड्स और एस्ट्रियम डब्ल्यू2एम उपक्रम की तर्ज पर अब तीन-चार अन्य उपग्रह निर्माण प्रस्तावों पर काम कर रहे हैं।

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